Fri. Dec 5th, 2025

मुख्यमंत्री के एक माह तक मुलाकात के सभी कार्यक्रम स्थगित; अब सभी प्रोग्राम वीसी से होंगे, संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया निर्णय, सीएमआर और सीएमओ में आ चुके 40 पॉजिटिव

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले एक महीने तक के लिए मुलाकात के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इस दौरान वे किसी से मुलाकात भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और हैल्थ प्रोटोकाॅल की पालना ही मुख्य उपाय है। खुद का बचाव खुद करके ही इस संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।

इसी वजह से चिकित्सकों की सलाह पर मुख्यमंत्री ने आगामी एक माह तक आमजन सहित अन्य सभी लोगों से मुलाकात नहीं करने का निर्णय लिया है। इस दौरान वे सिर्फ सुशासन के लिए वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लेंगे। गौरतलब है कि विगत दिनों मुख्यमंत्री निवास एवं कार्यालय में भी लगभग 40 कार्मिक तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुडे़ पुलिसकर्मी एवं आरएसी के जवान कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट के इस दौर में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए राज्य सरकार चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन इस महामारी के संक्रमण को सबकी भागीदारी से ही रोका जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील है कि सभी लोग मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग रखें, भीड़ से बचें, सामाजिक मेल-जोल कम से कम रखें, आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें और अन्य सभी हैल्थ प्रोटोकाॅल की पूरी जिम्मेदारी के साथ पालना करें।

‘नई सोच-नए आयाम’ पुस्तक के लोकार्पण में सीएम बोले- राज्यपाल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य कर रहे हैं

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि राजस्थान अभूतपूर्व है। राजस्थान देव, शौर्य, कला, स्थापत्य व हेरीटेज की भूमि है। यहां का मरूस्थल एक समय सागर था। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को संवैधानिक आधार पर कार्य करना होता है। राज्य सरकार राज्य के सर्वागींण विकास के लिए कार्य करती है। राज्यपाल व राज्य सरकार के समन्वय से राज्य का चतुर्दिक विकास बेहतर तरीके से होता है।

राज्यपाल मंगलवार को राजभवन में उनके एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के एक वर्ष पर प्रकाशित ‘‘नई सोच-नए आयाम‘‘ पुस्तक का लोकार्पण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ. सीपी जोशी ने किया। राज्यपाल ने कहा कि वे अच्छे कार्यों के लिए राज्य सरकार की तारीफ करते है तो किसी कमी के लिए मुख्यमंत्री को अलग से बुलाकर वार्ता भी करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान के राज भवन को वे देश के लिए मिसाल बनाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने यहां संविधान पार्क बनाने का निर्णय लिया है। गहलोत ने कहा कि राज्यपाल में आत्मीयता का भाव बेमिसाल है। मिश्र लीक से हटकर कार्य करना पसन्द करते हैं। उनका व्यक्तित्व व कृतित्व तारीफ के काबिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिश्र ऐसे राज्यपाल हैं, जो स्वयं आगे से मुझे फोन करते हैं। प्रदेश की चिंता करते हैं।

उन्होंने कोरोना काल में विधायकों व जिला कलक्टर तक से बात की। राज्यपाल की संवेदनशीलता, उनका व्यवहार और व्यक्तित्व श्रद्धा के काबिल है। समारोह के विशिष्ट अतिथि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ. सी.पी. जोशी ने कहा कि राज्यपाल मिश्र प्रदेश के मार्ग दर्शक हैं।

उनकी प्रेरणा से प्रदेश प्रगति कर रहा है। डाॅ. जोशी ने कहा कि कोविड महामारी में प्रदेश को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष का सहयोग मिला है। इन सभी के अनूठे समन्वय से प्रदेश को महामारी से लड़ने में बहुत मदद मिली है। इस कार्यक्रम में कई अफसर भी माैजूद रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed