आधार Id के लिए घूस लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार
बालाघाट जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। मामला लोकसेवा केंद्र की बंद आधार आईडी को दोबारा सक्रिय करवाने के बदले मांगी गई 10 हजार रुपये की रिश्वत से जुड़ा था। जैसे ही कर्मचारी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, लोकायुक्त की आठ सदस्यीय टीम ने दबिश देकर उसे मौके पर ही धर दबोचा।आधार आईडी शुरू कराने के लिए मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, कटंगी क्षेत्र में स्थित लोकसेवा केंद्र का संचालन अनुसुइया सलखिया द्वारा किया जाता है, जो महकेपार निवासी है। उसके पति मेहरचंद सुलखिया ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवंबर 2024 से उनके केंद्र की आधार आईडी बंद है और उसे दोबारा शुरू कराने के लिए बालाघाट स्थित लोकसेवा प्रबंधन कार्यालय में कई बार आवेदन दिए गए। लेकिन कार्यालय में पदस्थ सहायक सह डाटा ऑपरेटर राजेन्द्र मस्खरे ने इसके बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
लोकायुक्त टीम की योजनाबद्ध कार्रवाई
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। 24 जुलाई की सुबह, शिकायतकर्ता मेहरचंद सुलखिया को तय की गई रकम के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय भेजा गया। जैसे ही राजेन्द्र मस्खरे ने पैसे लिए, टीम ने तत्काल छापा मारकर उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। उस समय मस्खरे एक कमरे में बैठा था, जहां टीम ने दस्तावेजी कार्रवाई करते हुए रिश्वत की राशि को भी जब्त किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में मची अफरातफरी
इस अचानक हुई कार्रवाई से कलेक्ट्रेट कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी सकते में आ गए। पूरे परिसर में लोकायुक्त की कार्रवाई की चर्चाएं छा गईं। इस कार्रवाई में लोकायुक्त टीम के निरीक्षक हितेन्द्र यादव के नेतृत्व में राशि, नरेश बेहरा, आरक्षक सोनू चौकसे, राकेश, अतुल सिंह सहित आठ सदस्य शामिल थे। लोकायुक्त निरीक्षक हितेन्द्र यादव ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आधार आईडी दोबारा सक्रिय कराने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इस पर योजनाबद्ध कार्रवाई की गई और आरोपी राजेन्द्र मस्खरे को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की विधिवत जांच जारी है।
