Sat. Jan 17th, 2026

सोम ग्रुप के 8 ठिकानों पर छापा, 14 करोड़ रुपए जमा कराए, सोम ग्रुप का है टैक्स चोरी का इतिहास

भोपाल मध्यप्रदेश  मध्यप्रदेश की प्रमुख शराब कंपनी सोम डिस्टलरी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है। सेंट्रल एक्साइज विभाग ने बुधवार को भोपाल और रायसेन जिले में कंपनी के पांच ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की, जो गुरुवार देर रात तक जारी रही। शुरुआती जांच में टैक्स चोरी के संकेत मिलने पर कंपनी प्रबंधन ने करीब 14 करोड़ रुपये विभाग के पास जमा करा दिए हैं। जानकारी के अनुसार विभागीय जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि टैक्स चोरी का कुल आंकड़ा 50 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है। फिलहाल विभाग की टीम दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच कर रही है।

सोम डिस्टलरी के रायसेन जिले के सेहतगंज और गोचरा चक स्थित यूनिट्स तथा भोपाल के एमपी नगर स्थित मुख्यालय में आयकर विभाग ने छापेमारी की। आरोप है कि कंपनी ने विदेशी बोतलों के आयात से जुड़े लाइसेंस में गड़बड़ी कर सरकार को भारी टैक्स नुकसान पहुँचाया। जांच में पाया गया कि आयातित बोतलों का वास्तविक स्टॉक कम दिखाया गया और निर्यात संबंधी दस्तावेज अधूरे पाए गए। कंपनी के एक प्रबंधक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है, छापेमारी नहीं। हालांकि, वे यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि कार्रवाई किस विशेष मामले में की जा रही है। इस दौरान कंपनी के गार्ड्स ने मीडिया प्रतिनिधियों को दफ्तर के अंदर जाने से रोकने की कोशिश भी की।

सोम डिस्टनरी का टैक्स चोरी का और अनियमितताओं का काला इतिहास रहा है। पहले भी कई बार इस कंपनी पर छापे पड़ चुके हैं। 7 नवंबर 2023 : आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप। आयकर ने 50 ठिकानों पर छापे मारे। 2024-25 : तब 350 करोड़ रु. के शेयर बेनामी घोषित। हाई कोर्ट से राहत मिली,पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। जून 2024: रायसेन डिस्टिलरी में 58 बच्चे काम करते मिले। सरकार ने 20 दिन के लिए लाइसेंस निलंबित किया। जुलाई 2020 : सैनिटाइजर पर जीएसटी चोरी का आरोप। कंपनी के प्रमोटर गिरफ्तार हुए, बाद में हाई कोर्ट से जमानत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *