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MP में बदलता सियासी मौसम, लग्जरी कारों को छोड़ अब ट्रैक्टर की सवारी कर रहे मंत्री, सिंधिया की राह पर गोविंद राजपूत

सागर MP में एक नया ट्रेंड नजर आ रहा है, लग्जरी और महंगी गाड़ियों में घूमने वाले मंत्री इन दिनों ट्रैक्टर की सवारी करते नजर आ रहे हें। मानसून के दौरान कीचड़ और दलदली रास्तों पर मंत्री खुद ट्रैक्टर चलाकर जनता के बीच पहुंचे रहे हैं। प्रदेश में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद अब उनके सिपहसालार मंत्री गोविंद राजपूत भी ट्रैक्टर चलाकर प्रशासन को गांव लेकर पहुंचे थे।

जानकारी अनुसार मंत्री गोविंद सिंह राजपूत अपने विधानसभा क्षेत्र सुरखी के बरौदासागर गांव पहुंचे थे। यहां डैम के पास का रास्ता भारी बारिश के कारण कीचड़ और पानी से भरा हुआ था, जहां किसी भी गाड़ी का पहुंचना लगभग नामुमकिन था। ऐसे में मंत्री राजपूत ने खुद ट्रैक्टर की ड्राइविंग सीट संभाली। दिलचस्प बात यह रही कि उनके साथ ट्रैक्टर पर जिले के कलेक्टर और एसडीएम भी सवार थे। मंत्री जी खुद ट्रैक्टर चलाकर अधिकारियों को उस राजघाट डैम के पास तक ले गए।

सिंधिया ने की शुरुआत, राजपूत ने बढ़ाई आगे

यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े नेता ने ट्रैक्टर चलाया हो। कुछ ही दिन पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने संसदीय क्षेत्र गुना-अशोकनगर में ट्रैक्टर चलाते हुए गांवों का दौरा करते नजर आए थे। अब उन्हीं के खेमे के माने जाने वाले मंत्री गोविंद राजपूत ने भी यही राह पकड़ी है।

प्रदेश का पहला ‘नमो फ्रूट फॉरेस्ट’ बन रहा

सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्य प्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट पर पहुंचे। उनके साथ ट्रैक्टर पर सागर कलेक्टर संदीप जीआर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर अंदर कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए वे फ्रेट फॉरेस्ट साइट पर पहुंचे थे।

21 हजार फलदार पौधे, भविष्य में 1 लाख

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट में पहले चरण में 21 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। भविष्य में यहां पर 1 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। यह प्रदेश का पहला ऐसा फ्रूट उद्यान है जहां सभी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। भविष्य में इसे स्व सहायता समूहों को सौंपा जाएगा।

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