बुधादित्य राजयोग से 3 राशियों को जबरदस्त लाभ, खुलेंगे सफलता के नए द्वार, आकस्मिक धनलाभ, नौकरी में प्रमोशन
ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार और सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। बुध संचार, बुद्धि, तर्कशास्त्र, गणित और व्यापार के कारक माने जाते है ।वही सूर्य आत्मा व पिता के कारक होते है। बुध मिथुन व कन्या राशि के स्वामी तो सिंह सूर्य की स्वामी राशि है। जब भी बुध व सूर्य चाल बदलते है तो बेहद शुभ योग राजयोग का निर्माण होता है।वर्तमान में बुध कन्या में विराजमान है और 3 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 24 अक्टूबर तक यहीं रहेंगे। 17 अक्टूबर को सूर्य कन्या से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। तुला राशि में बुध सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा जो 3 राशियों के लिए बेहद शुभ साबित होने वाला है। आईए जानते है कौन कौन सी है वो लकी राशियां….
बुधादित्य राजयोग 3 राशियों के लिए LUCKY
मकर राशि सूर्य बुध का संयोग और बुधादित्य राजयोग जातकों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है।करियर व कारोबार में तरक्की मिल सकती है। लंबे समय से अधूरे और अटके पड़े प्रोजेक्ट शुरू कर सकते है। परिवार का पूरा साथ मिलेगा। बेरोजगारों को नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते है। नौकरीपेशा को प्रमोशन व वेतनवृद्धि जैसी नई जिम्मेदारी मिल सकती है।संपत्ति तथा वाहन खरीदने की योजना बना सकते हैं। पिता परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे।
मिथुन राशि बुध सूर्य की युति और बुधादित्य राजयोग जातकों के लिए लकी साबित हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा।संतान से संबंधित कोई शुभ समाचार मिल सकता है।अटके रूको कामों को गति मिल सकती है। धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां दूर हो सकती हैं। प्रेम संबंधोंं में सफलता मिल सकती है। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है।
तुला राशि बुध सूर्य देव का संयोग और बुधादित्य राजयोग का बनना जातकों के लिए बेहद लकी साबित हो सकता है। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते है। पार्टनरशिप के काम में लाभ मिल सकता है।व्यक्तित्व में निखार देखने को मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। कर्ज से मुक्ति पा सकते हैं। शादीशुदा का वैवाहिक जीवन शानदार रहेगा।
कब बनता है बुधादित्य राजयोग
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आदित्य का मतलब सूर्य से होता है इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और बुध दोनों ग्रह एक साथ मौजूद हों तो बुधादित्य राजयोग बनता है।बुधादित्य योग कुंडली के जिस भाव में मौजूद रहता है उसे वह मजबूत बना देते है। कुंडली में बुध और सूर्य के एक साथ होने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है।उसे धन, सुख-सुविधा, वैभव और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
