मध्य प्रदेश मौसम आज भी गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, तवा डैम के 5 गेट खुले, पढ़े IMD का नया पूर्वानुमान
बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणालियां के प्रभाव से दशहरे से पहले मध्य प्रदेश का मौसम एकदम से बदल गया है। अगले 48 घंटों में इंदौर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।1 अक्टूबर से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है जिससे 2-3 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियों जारी रहेगी।अगले 7 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं।रविवार को नरसिंहपुर, खरगोन, रतलाम, सिवनी, पचमढ़ी, उज्जैन और दमोह में वर्षा दर्ज की गई। नर्मदापुरम के तवा डैम में जलस्तर बढ़ने के चलते 5 गेट खोल दिए गए हैं। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में रहा।
- अगले 7 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं हैं। पश्चिम विदर्भ और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ निम्न दबाव का क्षेत्र लगभग पश्चिम की ओर बढ़ते हुए एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में कमजोर हो गया है, जो पश्चिम विदर्भ और उत्तर मध्य महाराष्ट्र से सटे क्षेत्रों पर स्थित है। इससे संबंधित चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है।
- इसके अगले 24 घंटों में और अधिक कमजोर होकर एक निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने के बाद 28 से 30 सितंबर के दौरान उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के पार पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा और 1 अक्टूबर तक गुजरात तट के पास उत्तर-पूर्वी अरब सागर में एक निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में उभर सकता है। एक ट्रफ उपरोक्त चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (पश्चिम विदर्भ और उत्तर मध्य महाराष्ट्र) से लेकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर से होकर गुजरती है और समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई विस्तृत है।
- एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण 30 सितंबर को उत्तर अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके प्रभाव से 01 अक्टूबर 2025 के आसपास उत्तर एवं मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।
आज सोमवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- इंदौर संभाग के बड़वानी, आलीराजपुर, धार और झाबुआ में भारी वर्षा ।
- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, इंदौर, देवास, मंडला, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में हल्की बारिश।
इन जिलों से मानसून विदा
अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है।इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।
Madhya Pradesh: 1 जून से 28 सितंबर तक कहां कितनी हुई वर्षा
- मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 24% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 45 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 122प्रतिशत है।
- अब तक 37.1 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
- सबसे कम बारिश वाले जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।
- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।
- इस बार गुना में सबसे ज्यादा 65.4 इंच पानी गिर चुका है। रायसेन में 61.1 इंच, मंडला में 60.5 इंच, श्योपुर में 56.6 इंच और अशोकनगर में 56 इंच बारिश हो चुकी है।
