विजय गोयल के भाई अजय भी चेंबर चुनावों में उतरेंगे
ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के चुनावों का मौसम अगले वर्ष जनवरी से शुरू हो जायेगा, फिर यह चुनाव अधिकारी पर निर्भर रहेगा कि वह मार्च या उससे पहले माह में चुनाव कराये, अथवा एक विकल्प यह भी ळै कि चेंबर की कार्यकारिणी 6 माह के लिये निर्वाचन तिथि आगे भी बढ़ा दें। लेकिन कुल मिलाकर व्यापारी समाज व चेंबर के 3300 सदस्यों में चुनाव की चर्चायें अभी से चलने लगी है। बाजारों में गपशप करते व्यापारी समाज में चेंबर चुनाव अब एक महत्वपूर्ण मुददा बनता जा रहा है।
चेंबर में कुल दो हाउस अपने अपने पैनल लड़ाने के लिये गोटियां खेलेंगे। इनमें व्हाईट हाउस और क्रियेटिव हाउस दोनों प्रमुखता से चुनाव में पैनल के लिये संभावित नामों पर चर्चा करने लगे है। लेकिन इतना भी तय है कि अब चेंबर चुनावों में एक नया हाउस भी आ सकता है। यह हाउस ग्रीन या यलो हाउस हो सकता है, इसके लिये चेंबर के इन क्रियेटिव व व्हाईट हाउस से नाराज सदस्य अपनी रणनीति बनाने में लगे हैं। कई व्यापारी व चेंबर सदस्यों ने इस प्रतिनिधि से बातचीत में इन हाउसों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी हैं। लेकिन अभी चेंबर के क्रियेटिव हाउस से सचिव व अध्यक्ष पद का चुनाव जीत चुके विजय गोयल भी इस बार पुनः अध्यक्ष पद पर अपना दांव खेल सकते हैं। हालांकि विजय गोयल ने इसके इरादे साफ नहीं किये हैं, लेकिन उनके छोटे भाई अजय गोयल ने जरूर ताल ठोंक दी हैं। अजय गोयल चेंबर चुनावों में फिलहाल कोषाध्यक्ष पद पर उतरने को तैयार है, उन्होंने अभी हाल ही में अग्रवाल समाज सहित अन्य सामाजिक व व्यापारिक कार्यक्रमों में जो सक्रियता दिखाई है, वह पहले कभी नहीं दिखाई। पहले उनके भाई विजय गोयल ही सक्रिय रहते थे। अजय गोयल वैसे सुवर्णा ज्वैलर्स के साथ सीमेंट कारोबार देखते है। अब वह आजकल विभिन्न बाजारों व व्यापारी सदस्यों से मिलने जुलने में भी अपना समय दे रहे हैं।
विष्णु गर्ग जी व बड़े भाई विजय गोयल का आर्शीवाद
अजय गोयल ने इस संदर्भ में इस प्रतिनिधि से चर्चा में स्वीकार किया कि वह कोषाध्यक्ष पद पर क्रियेटिव हाउस से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। गोयल ने बताया कि उन्हें क्रियेटिव के प्रमुख विष्णु गर्ग व क्रियेटिव के संचालक चेंबर के पूर्व अध्यक्ष उनके बड़े भाई विजय गोयल का आर्शीवाद प्राप्त हैं। उन्होंने कहा कि क्रियेटिव हाउस उन्हें जिस पद पर उतारेगा उसके लिये तैयार है। अजय गोयल ने बताया कि उन्हें चेंबर की राजनीति में नया करना सही नहीं हैं। उन्होंने चेंबर राजनीति व व्यापारी हित में काम करने का ककहरा अपने पिता बजरंग दास गोयल व बड़े भाई विजय गोयल से विरासत में मिला है। वह अभी तक 3 बार चेंबर की कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह चेंबर में काफी कुछ नया करने का सपना देख रहे हैं। उनका सबसे मुख्य फोकस चेंबर सदस्यों के हितों की रक्षा व उनके मुददे विभिन्न मंचों पर उठाना व उनका निराकरण करना हैं।
