Thu. Jan 15th, 2026

टूटा ठंड का 25 साल का रिकॉर्ड, इंदौर शिमला से भी ठंडा, 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में साफ दिखने लगा है, जिससे राज्य में कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई शहर तो हिमाचल और उत्तराखंड के हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडे हो गए हैं। इंदौर में पारा 25 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शिमला (8.8 डिग्री) और मसूरी (8.6 डिग्री) से भी कम है।

मौसम विभाग ने बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रदेश के 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सर्दी का सितम लंबा चल सकता है।

कई शहर पहाड़ी इलाकों से भी ज्यादा ठंडे

उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में तापमान तेजी से गिरा है। सोमवार-मंगलवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रातों में से एक रही। ठंड का आलम यह है कि प्रदेश के मैदानी इलाके पहाड़ी पर्यटन स्थलों को भी मात दे रहे हैं। जहां इंदौर का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं शिमला में 8.8 डिग्री, मसूरी में 8.6 डिग्री और देहरादून में 11.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में भी पारा 8.8 डिग्री तक लुढ़क गया।

इन 14 जिलों में शीतलहर का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के एक बड़े हिस्से में ठंड के प्रकोप को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में तीव्र शीतलहर (Severe Cold Wave) का असर देखने को मिलेगा।

इसके अलावा शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, मंडला, रीवा, मऊगंज, मैहर और शहडोल में भी शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी अब तापमान तेजी से गिर रहा है।

प्रमुख शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

राज्य के ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, जिससे रातें बेहद सर्द हो गई हैं।

मुख्य शहरों का न्यूनतम तापमान:

  • इंदौर: 7.9°C
  • भोपाल: 8.8°C
  • उमरिया: 8.5°C
  • बैतूल: 9.0°C
  • रीवा: 9.1°C
  • जबलपुर: 10.2°C
  • ग्वालियर: 10.5°C
  • उज्जैन: 11.0°C

क्यों और कब तक रहेगी कड़ाके की ठंड?

मौसम विशेषज्ञ पी.के. शाह के अनुसार, इस साल हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सामान्य से एक सप्ताह पहले ही सक्रिय हो गया है। इसी वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही तेज ठंड का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने आशंका जताई है कि अगर यह चक्र इसी तरह सक्रिय रहा तो इस बार प्रदेश में कड़ाके की सर्दी 75 दिन के बजाय 80 से 85 दिनों तक खिंच सकती है। इस शुरुआती ठंड ने नवंबर में ही पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed