गजलक्ष्मी राजयोग से पलटेगा 3 राशियों का भाग्य! चमकेगा करियर व कारोबार, पद-पैसा और प्रतिष्ठा के प्रबल योग
ज्योतिष शास्त्र में दैत्यों के गुरू शुक्र और देवताओं के गुरू बृहस्पति की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।जब भी ये दोनों ग्रह चाल बदलते है तो इसका मानव जीवन, राशियों और पृथ्वी पर बड़ा असर देखने को मिलता है। वर्तमान में सौन्दर्य, सुख के कारक शुक्र तुला राशि में विराजमान है और 14 मई 2026 को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही भाग्य ज्ञान के कारक गुरु विराजमान रहेंगे, ऐसे में मिथुन राशि में गजलक्ष्मी राजयोग बनेगा।हालांकि यह अल्प समय के लिए रहेगा क्योंकि 2 जून 2026 को फिर गुरू कर्क में गोचर कर जाएंगे।इसके बाद शुक्र 8 जून को कर्क में आ जाएंगे। ऐसे में दोबारा गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा, जो पूरे 1 माह तक बनेगा। मिथुन राशि में बनने वाला यह राजयोग 3 राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है।आईए जानते है इन भाग्यशाली राशियों के बारें में……….
गजलक्ष्मी राजयोग से चमकेगी 3 राशियों की किस्मत
वृश्चिक राशि पर प्रभाव : शुक्र गुरू की युति से बना गजलक्ष्मी राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है।भाग्य का साथ मिलेगा। लंबे समय से रुके और अटके काम पूरे हो सकते हैं।आय में वृद्धि और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। बिजनेस में कोई सरकारी प्रोजेक्ट या अच्छी डील मिल सकती है।परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा।अध्यात्म की ओर आपका झुकाव होगा। धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं। संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। लव लाइफ भी अच्छी रहने वाली है।
तुला राशि पर प्रभाव :गजलक्ष्मी राजयोग का बनना लाभकारी साबित हो सकता है । नौकरी में पदोन्नति के साथ वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है। अध्यात्म की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा। संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिल सकती है। आत्मविश्वास की वृद्धि होगी। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। लंबे समय से चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। कारोबार में मुनाफा पा सकते है।पद-प्रतिष्ठा की प्राप्त हो सकती है।अविवाहितों के लिए शादी के प्रस्ताव आ सकते है।
मेष राशि पर प्रभाव : शुक्र गुरु की युति और गजलक्ष्मी राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नया घर, वाहन आदि खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। करियर के क्षेत्र में तरक्की मिल सकती है। भाग्य आपका साथ देगा।लंबे समय से रुके व अटके काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में प्रमोशन के साथ पदोन्नति का तोहफा मिल सकता है। समाज में सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। अध्यात्म की ओर झुकाव बढ़ेगा । जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।
आईए जानते है कब बनता है कुंडली में Gajlaxmi Rajyog
- ज्योतिष के मुताबिक, ‘गजलक्ष्मी’ शब्द धन, संपन्नता के साथ परम सौभाग्य और राजयोग पावर के साथ अधिकार मिलने का प्रतीक है। गुरु ज्ञान और विस्तार से जुड़ा ग्रह है। गजलक्ष्मी राजयोग को ज्योतिष शास्त्र में सुख, समृद्धि, धन, यश वैभव आदि में उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
- जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में 1, 4, 7 या दसवें घर में गुरु, शुक्र या चंद्रमा हों, तो गजलक्ष्मी राजयोग बनता है या जब देवताओं के गुरु बृहस्पति और ऐश्वर्य-वैभव के कारक शुक्र एक दूसरे के आमने-सामने या केंद्र भाव में हो, वे पहले, चौथे और सातवें भाव में हों तो गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होता है।
- यह राजयोग बहुत दुर्लभ और शुभ होता है।जिस व्यक्ति की कुंडली में यह राजयोग बनता है उसे समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। आभामंडल से हर कोई अभिभूत रहता है।
