खनिज अधिकारी के बिगड़े बोल; कोई अवैध रेत की ट्रॉली नहीं आती शहर में, ओवर स्पीड 5 मौत का कारण
ग्वालियर मध्य प्रदेश एक और जहां पांच युवकों की सड़क हादसे में अकाल मौत ने पूरे शहर को झकड़ कर रख दिया है तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार बेतुके जवाब देकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे ही एक जिम्मेदार हैं। ग्वालियर शहर के खनिज अधिकारी घनश्याम यादव। उनसे जब हमने उनके मोबाइल पर फोन लगाकर झाँसी रोड पर हुई घटना में अवैध रेत कीट्रोलियों के चलते उनकी जवाबदेही जानना चाहिए तो उन्होंने तमाम बेतुके और को तर्क करके स्वयं को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने जो कुछ कहा वह एक गैर जिम्मेदार अधिकारी के संवेदनशील होने की पराकाष्ठा है।
सबसे पहले समझ लीजिए कि ग्वालियर शहर में ऐसा कोई कोना नहीं जहां सड़कों पर खाली जमीनों पर अवैध रेत की मंडियां न हो।सुबह सुबह हर क्षेत्र में अवैध रेत से भरी हुई ट्रैक्टर ट्रॉलियाँ दौड़ती हुई नजर आती हैं। अदने से कर्मचारी से लेकर ग्वालियर जिले के मुखिया कलेक्टर तक सबको पता है कि सरकारी सिस्टम की साठगांठ से ही यह खेल चल रहा है और साठगांठ इतनी मजबूत है कि अब यह आमजन के लिए जान लेवा हो चुकी है और यही साठगांठ कारण बनी झांसी रोड पर पांच युवकों की मौत का। और यह साठगांठ केवल अधिकारियों तक नहीं है इसमें नागरिकों द्वारा चुने गए माननीय भी दोषी हैं क्योंकि कुछ समय पहले एक माननीय इस रेत माफिया को पेटमाफ़िया बता चुके हैं।
खनिज अधिकारी घनश्याम यादव ने फ़ोन पर हुई चर्चा में जो कुछ बताया वह काफी हैरान करने वाला और संवेदनशील है। उन्होंने साफ शब्दों में जब उनसे पूछा कि अवैध रेत लाने के चलते ट्रैक्टर ट्रॉलियां तेज रफ्तार में चलती हैं तो उनको यह प्रश्न पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं कि अवैध रेत आती है शहर में कहीं से कोई अवैध रेत नहीं आती रेत लेकर आती हैं। प्रश्न पर वह इस तरह बिफर गए जैसे मानो उनकी दुखती रक पर हाथ रख दिया हो। अब हैरान करने वाला मामला देखिए कि जो खनिज अधिकारी कल सुबह तक कह रहे थे कि अवैध रेत की ट्रोलियां नहीं आती।उन्हीं ने जिला प्रशासन की संयुक्त टीम में छापामार कार्रवाई कर अवैध रेत से भरे बीस वाहनों को शाम तक जब्त भी किया जिसमें सत्रह ट्रैक्टर ट्रॉलियां थीं। अब साहब बताएं कि जब अवैध ट्रोलियां आती ही नहीं हैं तो यह ट्रोलियां पकड़ कैसे ली गई और जब कुछ घंटों में ही बीस वाहन पकड़े गए तो यदि पूरे दिन शहर में सभी क्षेत्रों में कार्रवाई करें तो इन अवैध ट्रोलियों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है। लेकिन ये रेत माफियाओं के सामने नतमस्तक होकर आपकी कौन सी भक्ति है या वह आपको देते ऐसी कौन सी शक्ति हैं कि आप को यह अवैध रेत की ट्रोलियां अब तक दिखाई ही नहीं दीं।
