Thu. Jan 15th, 2026

गोवंश पर बढ़ता लम्पी वायरस का खतरा और प्रशासन की अधूरी तैयारी

ग्वालियर मध्य प्रदेश  एक बार फिर अंचल में लम्पी वाइरस ने दस्तक दे दी है वही लम्बी वायरस जो कुछ वर्ष पूर्व भी गोवंश में फैलकर उन्हें बीमार करके हाहाकार मचा चुका है। उस समय भी प्रशासनिक देरी के चलते लम्पी वायरस खतरनाक स्तर पर फैल चुका था तमाम गऊवंश इससे संक्रमित होकर काल के गाल में समा चुके थे और अब एक बार फिर लम्पी वायरस पैर पसार रहा है। यह लम्पी वायरस की दस्तक अलार्मिंग है एक संकेत है के गौसेवक और प्रशासन मुस्तैद हो जाएं।

हालांकि ग्वालियर जिले में शासकीय आंकड़ों के अनुसार अभी तक केवल पाँच लंबी वायरस संदिग्ध गवंश ही सामने आए हैं और प्रशासन ने तैयारी करते हुए लम्बी संक्रमित गौवंश के लिए एक आइसोलेशन सेंटर बंधोली गौशाला में बनाया है जहां पर इन्हें रखा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन 5 में से 4 गोवंश का अभी इलाज चल रहा है जबकि एक की मौत हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि लंबी संक्रमित गौवंश की सूचना मिलते ही उसे आइसोलेशन में बंधौली गौशाला पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन ने जानकारी दी है कि यह जो गोवंश है यह संदिग्ध रूप से लम्पी वायरस से पीड़ित है। इनके सैंपल भोपाल लैब में जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक किसी की भी रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए यह पुष्टि नहीं हो पा रही है कि यह लंबी वायरस से संक्रमित हैं। यह इनके बीमारी की कोई और वजह है। पशु चिकित्सक केवल लम्पी वायरस के लक्षणों के आधार पर ही इन गौवंश का इलाज कर रहे हैं। जिस तरह से कोविड की या मनुष्य में होने वाले संक्रमण की तुरंत अपने ही जिले में जांच और रिपोर्ट की व्यवस्था है उस तरह की व्यवस्था की जरूरत लंबी वायरस की जांच के लिए भी है जिससे तुरंत जांच आने पर गोवंश का सही उपचार समय रहते शुरू किया जा सके। लेकिन इस संबंध में अभी कोई योजना जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है।

हालांकि प्रशासन के दावे हैं कि बंधौली गौशाला में समुचित व्यवस्था की गई है वहां आस-पास के पशु अस्पतालों के चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है। वहाँ पर 24 घंटे चिकित्सक सेवा दे रहे हैं। बंधौली गौशाला में अंधेरा होने के चलते बिजली की भी अस्थायी व्यवस्था की गई है और सरपंच को भी यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे रात के समय भी पशुओं का इलाज सुचारू रूप से किया जा सके। बंधोली गौशाला में इलाजरत गोवंश में से दो गोवंश के ठीक हो जाने की जानकारी भी दी जा रही है।

आपको बता दें कि पहले जब लंबी वायरस का संक्रमण तेजी से फैला था तो इसने हजारों गोवंश को संक्रमित किया था। फिलहाल यह देखते हुए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है और अब तक बत्तीस हजार गौवंश का टीकाकरण का दावा किया जा रहा है और यह टीकाकरण अभियान अभी लगातार जारी है। इसके साथ यह भी अपील की जा रही है कि यदि किसी भी गऊपालक या गऊ सेवक को किसी गौवंश में लंबी वायरस के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या प्रशासन को सूचित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *