कश्मीर में कड़ाके की ठडं के बीच प्रदूषित हवा लील रही लोगों का स्वास्थ्य, जानिए बढ़ते पॉल्यूशन क्या हो रहा नुकसान
रजिया नूर, श्रीनगर कश्मीर घाटी के लोगों को सर्दियों के मौसम में केवल कड़ाके की ठडं का ही मुकाबला नही करना पड़ता है बलकि सर्दियों के दौरान अब उन्हें बढ़ते प्रदूषण की चुनौती से भी जूझना पड़ रहा है। जमाव बिंदु से नीचे बने रहने वाले तापमान के बीच प्रदूषित हवा अब स्थानीय लोगों के स्वास्थय को धीरी धीरे लील रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक सूखा मौसम, ट्रैफिक से निकलने वाले धुएं में बढ़ोतरी, बायोमास जलाने और इंडस्ट्रियल पॉल्यूटेंट्स से पैदा होने वाले प्रदूषण का स्तर इसे काबू करने के लिए कोई उचित नीति न होने के चलते लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने चेताया कि यदि यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो घाटी का हर दूसरा तीसरा व्यक्ति सांस की बीमारियों से ग्रस्त होगा और यहां की हवा में सांस लेना भी कठिन हो जाएगा। हालिया दिनों में एयर क्वालिटी मॉनिटर्स ने हाल के दिनों में बार-बार पीएम 2,5 और पीएम 10 का स्तर सुरक्षित लिमिट से ऊपर रिकॉर्ड किया है।
