भिखारियों से ठगी नकली नोट थमाकर ले ली दस हजार की चिल्लर
सीहोर मध्य प्रदेश पूरे देश में ही इस समय ठगी का कारोबार तेजी से है। कहीं न कहीं लचर कानून व्यवस्था के चलते ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठगी फेस 2 फेस भी हो सकती है और डिजिटल भी आए दिन आप अखबारों में ठगी के तमाम मामलों की खबरें सुनते हैं लेकिन सीहोर में ठगी की एक ऐसी घटना हुई है जो आपको हैरान कर देगी। इसमें ठगों ने किसी संपन्न और रईस जादे को नहीं बल्कि सड़क पर बैठे भिखारियों को निशाना बनाया है और सड़क पर बैठे भिखारियों से ही दस हजार रुपये ठग लिए। यह पूरा मामला जब वहाँ उपस्थित लोगों ने सुना तो इस तरह की ठगी की खबर को सुनकर हर कोई हैरान हो गया।
ठगी का यह मामला मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के भिखारियों के साथ हुआ है। मंदिर परिसर में भीख मांगने वाले कुछ वृद्ध और दिव्यांग भिखारियों को शातिर ठगों ने दो दो सौ रुपये के नोट थमाए और उनसे खुले मांगते हुए उनकी दस हजार रुपए की चिल्लर ले ली लेकिन बाद में भिखारियों को पता चला कि उनको ठगों ने जो नोट दिए हैं।वह दो दो सौ रुपए के नोट नकली हैं उनकी कोई कीमत नहीं है। जब भिखारियों को पता चला कि उनके साथ ठगी हो गई है तो पहले तो उन्होंने ऐसे ठगों को जमकर कोसा और आखिरी में न्याय की आस में थाने पहुंच गए।
कुबेरेश्वर धाम मंदिर में सोमवार की रात को कुछ लोग पहुँचे थे और वहां भीख मांगने वाले गरीब भिखारियों से बातचीत करने लगे। इसी दौरान काला कोट पहने एक युवक ने भिखारियों से कहा कि उनकी पत्नी की इच्छा है कि कुबेरेश्वर धाम में चिल्लर चढ़ाएं। इसलिए मुझे चिल्लर चाहिए। आपके पास जो भी चिल्लर हो मुझे दे कर आप उसका बदले में मूल्य ले लो और उसने दो रुपये के नोट निकालकर भिखारियों को दे दिए और उनकी चिल्लर लेकर चला गया। कुछ देर बाद जब एक भिखारी पास की दुकान पर नाश्ता करने गया और वह दो सौ रुपये का नोट दिया तब दुकानदार के बताने पर उसे पता चला कि उसके पास दो दो सौ रुपए के नकली नोट हैं जो वह ठग उसे थमाकर चला गया है। घटना के बाद भिखारियों ने पुलिस में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
