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400 लोगों का बदलवाया धर्म, कर रहे थे चर्च का निर्माण; शिवपुरी में टीचर और पटवारी पर धर्मांतरण का आरोप

मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के कोलारस अनुभाग अंतर्गत बदरवास तहसील के कई गांवों में पिछले छह सालों से सरकारी शिक्षक और पटवारी मिलकर आदिवासी व भील परिवारों के लोगों का धर्मांतरण कराने में लगे हुए थे. मामले की शिकायत दो दिन पहले विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली. सूचना के बाद लोगों ने पुलिस, प्रशासन व वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम देते हुए निर्माणाधीन चर्च को ढहा दिया

विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विनोद पुरी ने बताया कि उन्हें दो दिन पहले एक ग्रामीण हमीर भील ने सूचना दी कि आदिवासी ग्राम अगरा पंचायत, गुड़ाल डांग, रामपुरी में परिवारों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. पिछले छह सालों से धर्मांतरण का खेल चल रहा है. इस धर्म परिवर्तन में शासकीय प्राथमिक विद्यालय गुड़ाल में पदस्थ शिक्षिका अनीता भगत, अगरा प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका राजवती व पिपरौदा बसाई में पदस्थ शिक्षक वीरेंद्र कुमार तिर्की सहित अगरा हल्के के पअवारी सोहनचंद्र पेंकरा की अहम भूमिका है. इसके अलावा गांव में केरल की एक मेडल भी आती है, जो शिवपुरी स्थित जीवन ज्योति आश्रम में रूकती है.

गांववालों को मारने पीटने का आरोप

सूचना पर जब विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता गांव पहुंचे तो उन्हें यह तीनों शिक्षक ग्रामीणों के साथ ईसाई ग्रंथ पढ़ते हुए मिले. जब शिक्षिकाओं से बात की गई तो उनका कहना था कि वह तो सिर्फ ईशू की महिमा करवाते हैं. यहां गांव में आदिवासी व भील परिवारों का ब्रेनवाश करने के लिए एक फादर मनसुख को भी झोंपड़ी बनवा कर रखा गया था, जो रोजाना ग्रामीणों का ब्रेनवाश करता था. कुछ दिन पहले उसकी मौत हो गई, जिसके चलते जिस जगह पर फादर की झोंपड़ी थी, वहां पर चर्च का निर्माण करवाया जा रहा था.

400 लोगों का कराया धर्मांतरण

पुलिस, राजस्व व वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जंगल की जमीन पर निर्माणाधीन चर्च को जेसीबी की मदद से ढहा दिया. जिस जगह पर यह शिक्षक-शिक्षिकाएं ग्रामीणों के साथ मिलकर ईशू की आराधना कर रहे थे, वहां पर कई ईसाई ग्रंथ भी रखे मिले हैं. पिछले छह सालों में करीब 400 आदिवासियों व 45 भील परिवारों का धर्म परिवर्तन करवाया जा चुका है. हालांकि, शिक्षिकाओं का कहना है कि वह तो सिर्फ ईशू की महिमा करवा रहे थे, न कि धर्म परिवर्तन करा है. वहीं हिंदू संगठन की तरफ से आरोप लगाया गया कि धर्मपरिवर्तन नहीं करने पर ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई.

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