Wed. Feb 4th, 2026

मनुस्मृति दहन दिवस के जवाब में भीमराव सकपाल दहन वर्ष

एंकर  यदि मनुस्मृति जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो हर गली मोहल्ले में भीमराव सतपाल का पुतला दहन होगा यह कहना है रक्षक मोर्चे के अमित दुबे का। बता दें कि ग्वालियर में आकाशवाणी पर पुतला दहन की सूचना पर पहुंचे दलित नेताओं द्वारा मौके पर ब्राह्मणों और सवर्ण समाज के खिलाफ गाली गलौज करने के रक्षक मोर्चे के संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा ने ग्वालियर के पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मनुस्मृति जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर नहीं हुई तो रक्षक मोर्चा सड़कों पर भीमराव सकपाल का पुतला‌ दहन करेगा। गौरतलब है कि ग्वालियर में पहले से चल रहे‌‌ डॉ अम्बेडकर बनाम बी एन राव विवाद के चलते दलित और सवर्ण संगठन लामबंद हैं। इसे लेकर कई बार कानून व्यवस्था की‌ स्थिति भी निर्मित हुई है

लेकिन अब 25 दिसंबर को दलित संगठनों द्वारा मनु स्मृति दहन दिवस मनाने के बाद रक्षक मोर्चे के सदस्यों द्वारा डॉ अम्बेडकर का पुतला दहन करने का प्रयास किया गया। मौके पर‌ दलित संगठन के‌ कार्यकर्ताओं‌ के पहुंचने पर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षो‌ं को समझाकर वापस भेज दिया। दलित संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा रक्षक मोर्चे के संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा के खिलाफ गाली गलौज करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने पर एडवोकेट अनिल मिश्रा ने कहा‌‌ है कि हमने अम्बेडकर का पुतला जलाने का कोई भी आह्वान नहीं किया है लेकिन यदि मनुस्मृति जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो हम खुद भीमराव सकपाल का‌ पुतला दहन करेंगे।

वहीं दूसरी ओर रक्षक मोर्चे के अध्यक्ष अमित दुबे ने चेतावनी दी है कि वे मनु स्मृति दहन दिवस मना सकते हैं तो हम भी भीमराव सकपाल दहन वर्ष मनाएंगे और हर गली मोहल्ले में भीमराव सकपाल का पुतला दहन किया जाएगा। बहरहाल देश प्रदेश में मनुस्मृति जलाने के बाद दलित बनाम सवर्ण का मु्द्दा कितना आगे जाएगा ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की उदासीनता और भेदभाव साफ नज़र रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *