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गाजियाबाद सुसाइड-बच्चियों की मौसी भी घर से गिरकर मरी थी:नाना बोले- दामाद फॉर्च्यूनर से चलता था, अब कर्ज में डूबा

ऐसा कहना दिलीप कुमार का है। वे उन तीन बच्चियों- निशिका, प्राची, पाखी के नाना हैं, जिनकी गाजियाबाद में अब मौत हो चुकी है। दिलीप ने यह भी बताया कि आज से करीब 6-7 साल पहले उनकी एक और बेटी की मौत भी दामाद चेतन के फ्लैट से गिरने के कारण हुई थी। हालांकि उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना था।

आखिर किन परिस्थिति में दिलीप ने अपनी दोनों बेटियों की शादी चेतन से की? चेतन की उस वक्त स्थिति क्या थी? वह क्या करता था? कैसे स्थिति खराब होती गई, जैसे सवालों पर हमने उसके ससुर दिलीप से विस्तार से बात की

18 साल पहले शादी की, फिर दूसरी बेटी भी ब्याह दी

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में चेतन अपनी दो पत्नियों और 5 बच्चों के साथ रहते थे। 3 फरवरी की रात तीन बच्चियों की मौत हो गई। 9वें फ्लोर से गिरने के बाद, जब इन बच्चियों का पोस्टमॉर्टम हुआ तो पता चला कि शरीर के ज्यादातर अंग फट गए हैं।

इस मामले में पिता चेतन ने पहले बताया कि ये लड़कियां कोरियन गेम खेलती थीं, उसी में टास्क पूरा करने के चलते उन्होंने सुसाइड कर लिया। हालांकि पुलिसजांच में गेम का कोई एंगल नहीं मिला। अब परिवार घर में ताला लगाकर कहीं चला गया है।

‘दैनिक भास्कर’ की टीम दिल्ली के सीलमपुर पहुंची। चेतन की दो पत्नियां सुजाता और हिना आपस में बहन हैं, उनका घर यहीं है। तीसरी पत्नी का घर कहीं और है। शिव मंदिर से होते हुए हम सीलमपुर की उस गली में पहुंचे, जहां सुजाता और हिना का मायका है। यहीं तीसरे फ्लोर पर सुजाता के पिता दिलीप कुमार मिले। इस तीन

दिलीप कहते हैं, हमारे कुल 14 बच्चे हैं। इसमें 11 बेटियां और 3 बेटे। सबसे बड़ा बेटा दीपू था, जो 10-12 साल पहले कहीं चला गया। उसका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मैं ऑटो चलाता था, लेकिन पिछले दो साल से पैर में दिक्कत के चलते अब नहीं चलाता। सुजाता मेरी सबसे बड़ी बेटी है। 17-18 साल पहले हमने उसकी शादी चेतन से की थी। उस वक्त चेतन छोटा-मोटा काम करता था।

चेतन ने पैसे कमाए, फॉर्च्यूनर से चलता था

दिलीप कहते हैं, चेतन ने इसके बाद पैसा कमाया। पहले खजूरी इलाके में रहता था। बाद में एकता पार्क के शालीमार गार्डेन में फ्लैट में रहने लगा। उस वक्त वह अच्छा पैसा कमाता था। गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। कोई घर 15 लाख में जैसे खरीदा तो उसे सुधरवाकर 20 लाख में बेच देता था। जमीन का भी काम करता था। लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि सब खत्म होता चला गया। गाड़ी भी बिक गई।

वे दूसरी बेटी हिना की शादी को लेकर कहते हैं, सुजाता को बच्चा नहीं हो रहा था, इसके बाद हमने हि

चेतन के फ्लैट से साली की गिरकर मौत

करीब 6-7 साल पहले चेतन जब शालीमार गार्डेन में रहता था, तब उसकी साली आंचल वहां गई थी। बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से गिरने के कारण उसकी मौत हो गई। दिलीप कहते हैं, ‘मेरी नातिन निशिका का जन्मदिन था, उसी में आंचल गई थी। बालकनी में सूखने के लिए कपड़ा डाला गया था, आंचल रेलिंग पर खड़ी होकर कपड़ा उतार रही थी, पैर फिसल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।’

आंचल दिलीप की छठे नंबर की बेटी थी, उम्र करीब 16-17 साल की थी। उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना और किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की।

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