डिजिटल फ्रॉड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बैंकों के मिली भगत पर कह दी बड़ी बात
नई दिल्ली डिजिटल डेस्क देश में लगातार बढ़ रहे डिजिटल फ्रॉड के मामलों को लेकर एक तरफ जहां जनता परेशान है तो दूसरी ओर सरकार सोई हुई है इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने डिजिट फ्रॉड के मामलों में सख्त टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल फ़्रांस को रोकने के लिए केंद्र सरकार से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करने के लिए कहा है।भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि डिजिटल फ्रॉड में जनता द्वारा गवाई गई रकम कई छोटे राज्यों में बजट से भी ज्यादा है। आपको बता दें कि हर साल भारत में चौवन हजार करोड़ रुपए का डिजिटल फ्रॉड होता है और इस तरह के फ्रॉड को सुप्रीम कोर्ट ने सीधी डकैती करार दिया है।
पीआईबी की ताजा रिपोर्ट्स में जो आंकड़े पेश किए गए हैं उसके अनुसार देश में डिजिटल फ्रॉड के केस दो हजार बाईस में 10.29 लाख से बढ़कर दो हजार चौबीस में 22.68 लाख हो गए हैं यह एक अप्रत्याशित वृद्धि है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेन्टर के अनुसार 2024 में 22.849 करोड़ का नुकसान हुआ वहीं 2025 में 19.813 करोड का नुकसान जनता को हुआ। साइबर फ्रॉड से जुड़ी इक्कीस लाख से ज्यादा शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पर दर्ज हुई। एक ही साल में बाईस लाख से ज्यादा शिकायतें चौंकाने वाली हैं और हो सकता है कि कई छोटे मामलों में तो शिकायतें दर्ज तक नहीं हुई हो। सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात है कि दो साल में ही साइबर फ्रॉड की दर्ज शिकायतें दोगुनी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
