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वाह रे एमपी पुलिस! ATM में पैसा जमा करने गए ट्रेडिंग कारोबारी को लूटा, दोनों वर्दी में थे, विभाग में हड़कंप

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के पलासिया थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बदमाशों के साथ-साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर होने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के बाद एमआईजी थाने में पदस्थ एक सिपाही और डीसीपी कार्यालय के एक सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

दरअसल, खजराना क्षेत्र में रहने वाले ट्रेडिंग कारोबारी अब्दुल फहाद ने पलासिया थाने में दर्ज कराई थी। उसने कहा कि शनिवार शाम वह अपने भाई जुनैद के साथ चंद्रलोक चौराहा स्थित एक एटीएम पर गया था। उसे अपनी मां के खाते में एटीएम मशीन के जरिए रुपये जमा करने थे। उसी दौरान पीछे से एक युवक साहिल वहां पहुंचा जिसे वह पहले से जानता था।

कैश और मोबाइल भी लिया

फहाद के अनुसार साहिल आने के बाद कुछ ही देर बाद एक बुलेट पर दो पुलिसकर्मी वहां आए। खुद को पुलिस बताते हुए उन्होंने धमकाया और किसी पूछताछ का बहाना बनाकर दोनों भाइयों को जबरन एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने उनके पास मौजूद नकदी छीन ली और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया।

पीड़ित कारोबारी ने बताया कि आरोपियों ने न सिर्फ नगद रकम लूटी, बल्कि उसके मोबाइल फोन से जबरन क्रिप्टोकरेंसी भी ट्रांसफर करवा ली। आरोपियों ने नावेद नामक व्यक्ति के अकाउंट में 4000 यूएसडीटी ट्रांसफर कराई। यूएसडीटी एक प्रमुख स्टेबलकॉइन है जिसकी कीमत अमेरिकी डॉलर से जुड़ी होती है और जिसे डिजिटल ट्रेडिंग में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है।

लूटने वाले पुलिसकर्मी ही थे

शिकायत के आधार पर पलासिया पुलिस ने सोनकच्छ निवासी नावेद उसके साथी साहिल और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ लूट का प्रकरण दर्ज किया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं। इनमें एमआईजी थाने में पदस्थ सिपाही मनोज मालवीय और डीसीपी कार्यालय में अटैच सिपाही अविनाश चंद्रवंशी शामिल हैं।

जैसे ही दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। डीसीपी स्तर से दोनों जवानों को पहले लाइन अटैच किया गया और पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वहीं आरोपी साहिल को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी नावेद को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

मामले की जांच जारी

एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। नावेद के खाते में ट्रांसफर की गई 4000 यूएसडीटी की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था।

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