सनातनी सरकार के मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में अवैध कत्लखाना, गौमांस और हड्डियों की तस्करी
ग्वालियर मध्य प्रदेश अभी हाल ही में सोमवार रात झांसी रोड पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों से मिली सूचना पर मवेशियों की हड्डियों से भरा एक ट्रक पकड़ा था।झाँसी का था। समाजसेवी एपीएस गुर्जर और पंकज ठाकुर ने पुलिस को जानकारी दी थी कि सेवा नगर और नूरगंज क्षेत्र में गऊमास और हड्डियों की तस्करी की जाती है और उन्हीं का यह ट्रक झाँसी जा रहा है। जब तमाम समाजसेवियों की उपस्थिति में ट्रक को खोला गया तो दृश्य चौंकाने वाला था। पूरा ट्रक हड्डियों से भरा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में आसिफ खान शाहरुख खान अनवर खान अरमान खान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज किया था। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि यदि मामला गऊमास और हड्डियों की तस्करी से जुड़ा है तो इतना बड़ा काम इतने लंबे समय से संचालित हो रहा था तो जिम्मेदारों को खबर क्यों नहीं लगी?
समाजसेवी एपीएस गुर्जर का कहना है कि सेवा नगर किले की तलहटी पर झाड़ियों से घिरी एक सुनसान जगह है जहां यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही है।उस क्षेत्र में आप मेरी सड़क से भी कभी निकलते हैं तो मांस की दुर्गंध आपको असहज कर देती है। एपीएस गुर्जर को वहां से ट्रक भर कर हड्डियां। तस्करी करने की जानकारी थी और उन्होंने पूरी जानकारी लेने के बाद ही 9 फरवरी के रात को ट्रक निकलने की सूचना मिलने पर उसे पकड़ने का प्रयास किया था। ट्रक सेवा नगर से निकल चुका था और झांसी रोड पर उसे पकड़ने में इन्हें सफलता मिली। उन्होंने दावा किया कि ट्रक में गाय के कटे हुए पैर हड्डियां और मांस बरामद हुआ है। पुलिस इस मामले में अभी जांच की बात कर रही है।
ऐसी जानकारी मिली है कि इन हड्डियों को झांसी और कटनी भेजा जा रहा था जहां पर इनको पीसा जाता है। मुख्य सरगना वसीम खान ने भी बताया है कि हड्डियों को पिसाई के लिए वह कटनी भेजता है। इन हड्डियों का उपयोग शक्कर की सफाई दवाईयों के कैप्सूल कवर और बोन चाइना बर्तन बनाने में होता है। इसके साथ ही इसमें फास्फोरस होने के चलते इसका उपयोग खाद के रूप में भी किया जाता है। साथ ही हड्डियों के इस पाउडर से कई दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन भी बनाए जाते हैं। आरोपी का कहना है के उसने शिवपुरी की पंचायतों से मृत पशुओं को उठाने का ठेका लिया है। तो वहीं शासन के जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी की फुटबॉल इधर-उधर उछाल रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि हड्डियों और मांस के कारोबार की अनुमति निगम का अधिकार क्षेत्र है तो पशुपालन विभाग का कहना है कि वह केवल जीवित मवेशियों के व्यापार की अनुमति देता है।मांस या हड्डियों के कारोबार की नहीं वहीं नगर निगम का कहना है कि वह किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार की अनुमति नहीं देता है। फिर मृत पशुओं और गायों को उठाने और उनके शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देने की क्या व्यवस्था है इस बारे में किसी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई जानकारी नहीं दी है।
आपको बता दें कि अभी हाल ही में भोपाल में भी एक स्लॉटर हाउस से गऊमास बड़ी मात्रा में मिलने की जानकारी मिली थी। राजधानी में चलने वाले गऊ मांस के कारोबार ने प्रदेश की मोहन सरकार पर बड़े सवाल खड़े किए थे। क्योंकि भाजपा हमेशा यह दावा करती है कि वह गौ रक्षक है। भोपाल के बाद अब ग्वालियर में सेवा नगर और नूरगंज इलाके में जिस तरह से अवैध कत्ल काना संचालित होना उजागर हुआ और यह कत्लखाना भी प्रदेश की भाजपा सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के क्षेत्र में आता है। आप सोचिए कि इसी तरह के कत्लखा ने जहां गऊ मांस और हड्डियों की तस्करी के आरोप लगे हो यह खुलासा किसी गैर भाजपा शासित राज्य में होता या किसी ऐसे विधायक के क्षेत्र में होता या किसी ऐसे मंत्री के क्षेत्र में होता जिसका भाजपा से कोई नाता नहीं है तो क्या आज भाजपा सड़क पर उतरकर ऐसी घटनाओं का विरोध नहीं करती? और जिस तरह से भाजपा इन मामलों पर खामोश है ऐसा लगता है कि प्रदेश की भाजपा सरकार का संरक्षण भी ऐसे तस्करों को मिला हुआ है।
