होली से पहले 3 फीसदी बढ़ सकता है राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता, वर्तमान में मिल रहा 55 फीसदी डीए
होली से पहले मध्य प्रदेश के 7.50 लाख सरकारी कर्मचारियों को खुशखबरी मिल सकती है। संभावना जताई जा रही है कि 16 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 में मोहन सरकार महंगाई भत्ता वृद्धि का ऐलान कर सकती है। इसके बाद कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को लाकर मंजूरी दी जाएगी और फिर वित्त विभाग द्वारा इसके आदेश जारी किए जा सकते हैं। चर्चा तो यह भी है कि इस बजट सत्र में नए वेतन आयोग के गठन या वेतन संशोधन को लेकर भी कोई प्रारंभिक संकेत मिल सकते हैं।
3 फीसदी बढ़ सकता है महंगाई भत्ता
- वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को जनवरी 2025 से 55 फीसदी महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है और अब होली से पहले जुलाई 2025 से 3 फीसदी महंगाई भत्ता और बढ़ने की उम्मीद है, जिसके बाद यह 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत (केंद्र के समान) हो जाएगा। अगर नई दरें जुलाई से लागू होती हैं तो जुलाई 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक का एरियर भी किस्तों (पिछले साल की तरह) में मिल सकता है।
- हालांकि प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस संवर्ग समेत अन्य केंद्रीय सेवा के अधिकारियों को जुलाई 2025 से 58 फीसदी डीए का लाभ मिल रहा है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि दीपावली या फिर राज्य के स्थापना दिवस (1 नवंबर 2025) के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महंगाई भत्ता वृद्धि की घोषणा कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके चलते कर्मचारी संगठनों में नाराजगी भी है। अब फरवरी में पेश होने वाले बजट से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं।
अप्रैल में बढ़ा था राज्य कर्मचारियों का 5 फीसदी डीए
गौरतलब है कि बीते साल अप्रैल में मोहन यादव सरकार ने राज्य कर्मचारियों के डीए में 5 फीसदी ( जुलाई 2024 से 3% और जनवरी 2025 से 2%) की वृद्धि की थी जिसके बाद डीए 55 फीसदी पहुंच गया है। नई दरें 1 जुलाई 2024 से लागू की गई थी और जुलाई से मार्च (9 महीने का एरियर) तक एरियर जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 समान किस्तों में दिया गया। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 फीसदी महंगाई भत्ता का लाभ मिल रहा है, लेकिन राज्य कर्मचारियों को 55 फीसदी महंगाई भत्ता ही मिल रहा है लेकिन इस बढ़ोतरी के बाद राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी केंद्र के समान 58% हो जाएगा।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।
16 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा और 6 मार्च 2026 तक चलेगा। यह सत्र 19 दिनों का होगा और इसमें 2,253 से अधिक ऑनलाइन सवाल शामिल किए गए हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेंगे। इस बार 4.70 लाख करोड़ रुपये के करीब बजट होने का अनुमान है।
