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अभी से करें तैयारी, गर्मियों में सब्जियों से भर जाएगा आपका किचन गार्डन

सर्दियों की ठंड अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और धूप का असर बढ़ने लगा है। ऐसे में जिन लोगों को बागवानी का शौक है, उनके लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि जो तैयारी आज की जाएगी, वही आने वाली गर्मियों में ताज़ी और हरी-भरी सब्जियों के रूप में नजर आएगी।

जब घर की क्यारी या छत पर लगे गमलों से अपनी उगाई हुई लौकी, तोरई, भिंडी या पुदीना निकलता है, तो उसकी खुशी बाजार से खरीदी सब्जियों से कहीं ज्यादा होती है। लेकिन अच्छी फसल पाने के लिए अभी से सही तैयारी करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि गर्मियों की सब्जियों के लिए क्यारियों को कैसे तैयार करें।

गर्मियों की सब्जियों के लिए मिट्टी की सही तैयारी क्यों जरूरी?

किसी भी फसल की सफलता मिट्टी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। सर्दियों में उगी फसल मिट्टी के पोषक तत्वों को काफी हद तक खत्म कर देती है। इसलिए गर्मियों की सब्जियां लगाने से पहले मिट्टी को फिर से ताकतवर बनाना जरूरी होता है।

सबसे पहले क्यारी की मिट्टी को पलट दें और उसे 2-3 दिन खुली धूप में छोड़ दें। इससे मिट्टी में मौजूद कीड़े और हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। इसके बाद मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं।

मिट्टी को भुरभुरी बनाना भी जरूरी है ताकि पानी आसानी से अंदर जा सके और पौधों की जड़ों को हवा मिलती रहे। अगर मिट्टी ज्यादा सख्त है तो उसमें रेत या कोकोपीट मिलाया जा सकता है। यही कदम गर्मियों की सब्जियों की अच्छी पैदावार की नींव बनता है।

गर्मियों के मौसम के लिए सही सब्जियों का चयन

  1. लौकी
  2. तोरई
  3. करेला
  4. खीरा और ककड़ी
  5. भिंडी
  6. ग्वार फली
  7. मिर्च
  8. बैंगन
  9. पुदीना

बेल वाली सब्जियां ज्यादा जगह घेरती हैं, इसलिए इनके लिए सहारा देने की व्यवस्था पहले से कर लें। अगर जगह कम है तो ग्रो बैग या बड़े गमलों में भी ये सब्जियां उगाई जा सकती हैं। सही बीज का चुनाव भी जरूरी है। कोशिश करें कि अच्छे और भरोसेमंद बीज ही इस्तेमाल करें ताकि अंकुरण अच्छा हो।

बीज बोने का सही समय और आसान तरीका

फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत गर्मियों की सब्जियों के बीज बोने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस समय तापमान बीज अंकुरण के लिए अनुकूल होता है। बेल वाली सब्जियों के बीजों को बोने से पहले 3–4 घंटे पानी में भिगो देना चाहिए। इससे बीज जल्दी फूटते हैं और पौधे मजबूत बनते हैं। अगर आप फ्लैट या अपार्टमेंट में रहते हैं तो 12–15 इंच के ग्रो बैग या गमलों का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हो। बीज बहुत गहराई में न दबाएं। हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें ताकि बीज अपनी जगह पर बने रहें।

गर्मियों में नमी बचाने के लिए मल्चिंग क्यों जरूरी?

गर्मियों का सबसे बड़ा असर मिट्टी की नमी पर पड़ता है। तेज धूप के कारण मिट्टी जल्दी सूख जाती है, जिससे पौधे कमजोर होने लगते हैं। इस समस्या से बचने का आसान तरीका है, मल्चिंग। मल्चिंग का मतलब है क्यारी या गमले की मिट्टी को सूखे पत्तों, भूसे या घास से ढक देना। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधों की जड़ों को ज्यादा गर्मी से भी बचाव मिलता है। साथ ही खरपतवार भी कम उगते हैं। मल्चिंग से पानी की बचत भी होती है और पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

कीड़ों और बीमारियों से पौधों को कैसे बचाएं?

गर्मी का मौसम कीटों के लिए भी अनुकूल होता है। इस समय सफेद मक्खी, एफिड्स और अन्य कीड़े पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे बचाव के लिए हर 15 दिन में नीम के तेल का स्प्रे करें। यह पूरी तरह जैविक होता है और सब्जियों को रसायनों से भी बचाता है। इसके अलावा पौधों की पत्तियों को समय-समय पर जांचते रहें। अगर कोई पत्ती खराब दिखे तो उसे तुरंत हटा दें ताकि बीमारी फैल न सके। घर में उगाई सब्जियों की खासियत यही है कि इन्हें बिना जहरीले रसायनों के उगाया जा सकता है।

सही सिंचाई और धूप की व्यवस्था भी जरूरी

गर्मियों में पौधों को पानी की जरूरत ज्यादा होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी नुकसान पहुंचा सकता है। सुबह या शाम के समय पौधों को पानी देना बेहतर होता है। दोपहर में पानी देने से पानी जल्दी सूख जाता है। पौधों को रोज कम से कम 5-6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए। इसलिए गमलों को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त धूप आती हो।

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