सूर्य-शुक्र ने बनाया शुक्रादित्य राजयोग, इन 3 राशियों का चमक सकता है लक, शुरू होगा गोल्डन टाइम, खुलेंगे सफलता के नए द्वार
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य और दैत्यों के गुरु शुक्र की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। दोनों ग्रह हर माह राशि परिवर्तन करते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में आत्मा, पिता व सम्मान के कारक माने जाने वाले सूर्य और प्रेम व सौंदर्य के कारक कहे जाने वाले शुक्र कुंभ राशि (शनि की राशि) में विराजमान हैं। दोनों ग्रहों के एक राशि में आने से शुक्रादित्य राजयोग (दृकपंचांग के अनुसार) का निर्माण हुआ है। इसका प्रभाव 2 मार्च तक रहेगा, क्योंकि इस दिन शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेंगे। वैसे तो यह राजयोग सभी राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा, लेकिन 3 राशि वालों को विशेष फल प्रदान कर सकता है। आइए जानते हैं कि ये तीन भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं?
मिथुन राशि पर प्रभाव
- परिवार के साथ भाग्य का साथ मिलेगा।
- किसी धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
- देश-विदेश की यात्रा कर सकते हैं। भविष्य में इसका लाभ मिलने के योग हैं।
- जमीन या संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है।
- लंबे समय से अटके और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।
- छात्रों का विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना साकार हो सकता है।
तुला राशि पर प्रभाव
- वैवाहिक जीवन खुशहाल और शानदार रहने के प्रबल योग हैं।
- अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
- आकस्मिक धनलाभ की प्राप्ति के प्रबल योग हैं।
- आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।
- इस अवधि में संतान से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
- समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होने की संभावना है।
- परिवार का साथ मिलेगा। अच्छा समय बिताएंगे।
कुंभ राशि पर प्रभाव
- जमीन या संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है।
- साहस व आत्मविश्वास में वृद्धि के साथ समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
- पारिवारिक रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।
- जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा।
- अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं।
- साझेदारी से जुड़े व्यापार में सफलता मिल सकती है।
- करियर में तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं।
कुंडली में कब बनता है शुक्रादित्य राजयोग
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्रादित्य राजयोग सूर्य और शुक्र की युति या विशेष संयोग से बनता है। आदित्य का मतलब सूर्य से होता है, इस तरह से जब कुंडली में सूर्य और शुक्र दोनों ग्रह एक साथ एक राशि में मौजूद हों तो शुक्रादित्य राजयोग बनता है। इस राजयोग से जातकों को विशेष फल, धन, सफलता, सुख-सुविधा, वैभव और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। यह विशेष रूप से उन राशियों पर सकारात्मक असर डालता है, जिनकी कुंडली में सूर्य और शुक्र अनुकूल स्थिति में होते हैं।
