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5 OTT प्लेटफॉर्म पर लगा ताला! जानिए क्यों सख्त हुई केंद्र सरकार

डिजिटल दुनिया में मनोरंजन के नाम पर क्या परोसा जा रहा है, इस पर अब सरकार की नजर और सख्त हो गई है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 5 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया। इन पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने का आरोप था।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की। जिन ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया गया है, सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश जारी कर इन प्लेटफॉर्म तक पहुंच रोकने को कहा है। इस फैसले के बाद डिजिटल कंटेंट और अभिव्यक्ति की सीमा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

आईटी नियम 2021 के तहत बड़ी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 और अश्लीलता विरोधी कानूनों के तहत की है। अधिकारियों के अनुसार इन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ सामग्री दिखाई जा रही थी।

आईटी नियम 2021 का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी तय करना है। इन नियमों के तहत अगर कोई प्लेटफॉर्म कानून का उल्लंघन करता है, तो सरकार उसे नोटिस देकर या सीधे कार्रवाई कर सकती है। इस मामले में मंत्रालय ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ब्लॉक करने का आदेश जारी किया।

आईटी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत ब्लॉक

यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत की गई है। इस धारा के अनुसार सरकार को यह अधिकार है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या शालीनता के हित में किसी ऑनलाइन कंटेंट या वेबसाइट को ब्लॉक कर सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि इन पांचों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री कानून के अनुरूप नहीं थी। शिकायतों और जांच के बाद पाया गया कि यह कंटेंट अश्लीलता की श्रेणी में आता है। इसके बाद इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन प्लेटफॉर्म तक पहुंच रोकने का निर्देश दिया गया। धारा 69ए पहले भी कई मामलों में लागू की जा चुकी है, खासकर तब जब ऑनलाइन सामग्री देश की सुरक्षा या सामाजिक मर्यादा के खिलाफ पाई गई हो।

कौन-कौन से OTT प्लेटफॉर्म हुए ब्लॉक?

सरकार द्वारा ब्लॉक किए गए ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं, मूडएक्सवीआइपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू। ये प्लेटफॉर्म इंटरनेट के माध्यम से वीडियो कंटेंट उपलब्ध कराते थे। जांच में सामने आया कि इन प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री उपलब्ध थी, जो अश्लीलता और आपत्तिजनक श्रेणी में आती है। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक शालीनता बनाए रखना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नैतिक मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। इस कार्रवाई के बाद इन प्लेटफॉर्म की वेबसाइट और ऐप तक सामान्य उपयोगकर्ताओं की पहुंच रोक दी गई है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती निगरानी

पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। लोग मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर वेब सीरीज और फिल्में देखना पसंद करते हैं। लेकिन इसी के साथ कंटेंट की गुणवत्ता और सीमा पर सवाल भी उठने लगे हैं।

सरकार का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन यह कानून और सामाजिक मर्यादा के दायरे में होनी चाहिए। अश्लील कंटेंट या ऐसा कंटेंट जो समाज पर गलत प्रभाव डाले, उसे रोका जाना जरूरी है।

आईटी नियम 2021 के लागू होने के बाद सरकार ने डिजिटल कंटेंट पर निगरानी बढ़ाई है। कंटेंट प्लेटफॉर्म को अब शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

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