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हरिद्वार में कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर संतों और प्रशासन की अहम बैठक, अखाड़ों को भूमि आवंटन और पेशवाई मार्ग पर बना खाका

धर्म नगरी हरिद्वार में 2027 में प्रस्तावित महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में बुधवार को हरिद्वार के सीसीआर भवन में संत समाज और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कुंभ मेले की रूपरेखा तैयार करना और व्यवस्थाओं को लेकर संतों से सुझाव लेना था।

उत्तराखंड की धामी सरकार इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। बैठक में कुंभ मेला अधिकारी सोनिका समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संत मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन और संत समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया ताकि आयोजन सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

इन महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान कई अहम बिंदुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र कुंभ मेले की विस्तृत रूपरेखा, विभिन्न अखाड़ों को भूमि का आवंटन, धर्म ध्वजा स्थापित करने के लिए स्थलों का चयन और पेशवाई के लिए मार्ग का निर्धारण रहा। इसके अलावा, मेले से संबंधित अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने पर भी सहमति बनी। संतों ने अपनी ओर से कई सुझाव रखे, जिन्हें प्रशासन ने गंभीरता से लिया।

 

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