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रोहित शेट्टी हाउस फायरिंग केस में 13वां आरोपी प्रवीण लोनकर गिरफ्तार, 16 मार्च तक क्राइम ब्रांच कस्टडी

रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ा सुराग मिला है। एजेंसी ने इस केस के 13वें आरोपी प्रवीण लोनकर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे जांच के दौरान साजिश से जुड़े अहम रोल में चिन्हित किया गया।

प्रवीण लोनकर को आर्थर रोड जेल से हिरासत में लिया गया। वह पहले से बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में जेल में बंद है। गिरफ्तारी के बाद 6 मार्च को उसे विशेष मकोका कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 16 मार्च तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया।

जेल के भीतर से समन्वय का आरोप

क्राइम ब्रांच की अब तक की जांच में यह बिंदु सामने आया है कि प्रवीण लोनकर कथित तौर पर जेल के अंदर रहते हुए भी साजिश का हिस्सा बना रहा। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने फायरिंग में इस्तेमाल हुई बंदूक समेत कुल तीन हथियार एक अज्ञात स्थान पर रखवाए थे, और उस जगह की जानकारी सीमित लोगों तक ही थी।

इसी कड़ी में पुलिस ने यह भी कहा है कि प्रवीण के निर्देश पर आरोपी आसाराम फासले उस स्थान से तीनों बंदूकें लेकर आया और बाद में उन्हें आरोपी स्वप्निल सकट को सौंप दिया। यह हिस्सा जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हथियारों की मूवमेंट और साजिश के ऑपरेशनल नेटवर्क को जोड़ने में मदद मिल रही है।

पुणे मॉड्यूल और आगे की जांच

जांच एजेंसी के मुताबिक, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग में इस्तेमाल गाड़ी और हथियार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पुणे मॉड्यूल के पास थी। पुलिस का कहना है कि इस मॉड्यूल के समन्वय में भी प्रवीण लोनकर की भूमिका सामने आई है।

क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि साजिश की योजना, संसाधनों की व्यवस्था और ग्राउंड लेवल पर क्रियान्वयन के बीच कौन-कौन से संपर्क सक्रिय थे। जांच टीम की प्राथमिकता यह तय करना है कि आदेश देने वाले, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले और घटनास्थल से जुड़े लोगों की भूमिकाएं किस स्तर तक आपस में जुड़ी थीं।

मामले की जांच फिलहाल बहु-राज्य कड़ियों पर केंद्रित है। मुंबई, पुणे और उत्तर प्रदेश से जुड़े आरोपियों के बयान, बरामदगी से जुड़े तथ्य और कॉल/समन्वय से संबंधित इनपुट को मिलान किया जा रहा है। एजेंसी को उम्मीद है कि प्रवीण लोनकर की कस्टडी पूछताछ से साजिश के तरीके और नेटवर्क के बारे में और स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी 16 मार्च तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में रहेगा। इस अवधि में की जाने वाली पूछताछ, आमने-सामने बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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