मोहन से बोले मामा- मुख्यमंत्री जी, मान जाओ या शिवराज बने ‘महापुरुष’, विजयवर्गीय को ‘खास तवज्जो’; मंत्री ने सांसद को बनाया ‘मालिक’
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरे मंच से सीएम डॉ. मोहन यादव से कहा- मुख्यमंत्री जी, मान जाओ यार जल्दी से। वे मुख्यमंत्री से नर्मदा के पानी के लिए गुहार लगा रहे थे।
दरअसल, शिवराज सिंह चौहान हाल ही में सीहोर के इछावर पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक सड़क का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के गांवों तक नर्मदा नदी का पानी पहुंचाने की बात कही।
शिवराज सिंह ने कहा- लगातार कोशिश की जा रही है कि नर्मदा जी का पानी बचे हुए गांवों तक पहुंच जाए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी बात करने के लिए कहा।
उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा- मुख्यमंत्री जी, मान जाओ यार जल्दी से। शिवराज सिंह की इस अपील पर कार्यक्रम में जमकर तालियां गूंजीं।
हालांकि, हास-परिहास में कही गई उनकी इस बात की सियासी गलियारों में भी खूब चर्चा हो रही है। लोग अपने-अपने हिसाब से इसके सियासी मायने भी निकाल रहे हैं।
शिवराज की मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी से तुलना
इसी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में मंत्री करण सिंह वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। उन्होंने भरे मंच से शिवराज सिंह को महापुरुष तक बता दिया।
करण सिंह वर्मा ने कहा- शिवराज सिंह भाई साहब की अपनी एक अलग ही पहचान है। वे अद्भुत व्यक्ति हैं। उन्हें महापुरुष कहने में भी मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस शख्स के तीन नाम हो जाएं, वो महापुरुष व्यक्ति होता है। शिवराज भैया, पांव-पांव वाले भैया और मामा जी।
करण सिंह वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिवराज सिंह की तुलना कर दी। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह ऐसे लोकप्रिय नेता हैं, जिनसे लोगों की श्रद्धा है।
वैसे नेताओं में अपने सीनियर की तारीफ और उनके प्रति सम्मान जताने की परंपरा नई नहीं है, लेकिन इस मामले में मंत्री करण सिंह वर्मा कुछ कदम आगे नजर आए। उन्होंने शिवराज सिंह की तारीफ करते हुए उन्हें सीधे महापुरुष का दर्जा दे दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को जनता का सेवक कहते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में उनकी ही पार्टी के नेता और मंत्री विजय शाह ने रतलाम सांसद अनिता नागर सिंह चौहान को तीन जिलों की मालिक बना दिया।
रतलाम आए मंत्री विजय शाह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे सांसद से कहते सुनाई दे रहे हैं- ‘आइए, आप आगे चलिए। आप तीन जिलों की मालिक हो।’
दरअसल, सांसद अनिता चौहान के संसदीय क्षेत्र में रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर तीन जिले आते हैं। वे खुद को मालिक कहे जाने से मना करती रहीं लेकिन मंत्री जी के शब्द कांग्रेस के कानों में पड़ गए।
अब कांग्रेस नेता इसे मुद्दा बनाकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि वोट लेना था, तब नेता जनता के सेवक थे और अब मालिक बन गए।
कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने इसे भाजपा का असली चेहरा बताते हुए तंज कसा। उन्होंने एक गाने की ये पंक्तियां बोलकर भाजपा पर सवाल उठाए- ‘जब जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग, एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं लोग।’
मंत्री के आने से टेंशन में आ जाते हैं पार्टी पदाधिकारी
एक मंत्री जब भी मालवा क्षेत्र के अपने प्रभार वाले जिले में जाते हैं, वहां के पार्टी पदाधिकारी टेंशन में आ जाते हैं। उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि मंत्री कहीं कुछ ऐसा-वैसा न बोल दें, जिससे पार्टी की किरकिरी हो जाए।
ऐसे में पार्टी पदाधिकारियों की कोशिश रहती है कि मंत्री जी मीडिया के सामने ही न आएं। फिर भी कभी मंत्री जी का मीडिया से सामना हो जाए तो पार्टी पदाधिकारी इस बात से परेशान हो जाते हैं कि मंत्री के मुंह से कुछ ऐसी-वैसी बात न निकल जाए।
दरअसल, मंत्री जी के बयानों पर अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। वे कब, कहां, क्या बोल दें, इसका भरोसा नहीं रहता। कई बार पार्टी को मंत्री के बयानों के लिए सफाई भी देनी पड़ी है।
हालांकि, अपने बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मंत्री जी खुद भी फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। फिर भी मुंह से कुछ निकल जाए, इससे बचने के लिए उनकी कोशिश रहती है कि मीडिया से दूरी बनी रहे।
