सालों बाद अनुकंपा, अंचल के 107 को नौकरी पदोन्नति के बाद खाली हुए हैं पद, अभी कई और लोगों को मिलेगा रोजगार
पदोन्नति की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ने से उन जरूरतमंद बेरोजगारों के अच्छे दिन आ गए जो लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति के इंतजार में थे। इनमें से कुछ तो 17-18 साल तक पुराने हैं। मुरैना के अभय सिंह के परिजन का निधन 19 साल पहले हुआ था।
इन्हें नौकरी अब मिली है। ऐसे ही अंचल के 106 और बेरोजगार हैं जिनकी नियुक्ति हो चुकी है। अभी यह प्रक्रिया जारी है। अकेले कलेक्ट्रेट में ही 14 और लोगों को दीपावली से पहले नियुक्ति मिल सकती है। इनमें से अधिकतर वे हैं जो विभिन्न विभागों में पद खाली न होने से लंबित हैं।
तीन महीने में राज्य सरकार के 20 से ज्यादा विभागों में पदोन्नति वहां के पात्र कर्मचारियों के हिसाब से हुई। संख्या के मामले में शिक्षा विभाग सबसे आगे रहा। अंचल में विभाग ने 88 आवेदकों को क्लर्क के पद पर नियुक्ति दी है और 15 को दूसरे पदों पर। इनके नियुक्ति आदेश जारी हो चुके हैं। इस मामले में संयुक्त संचालक हरिओम चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में 800 से ज्यादा अनुकंपा नियुक्तियां हुई हैं। जो प्रकरण रह गए हैं उनके लिए प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। चतुर्वेदी ने कहा कि सभी जिलों को भी ऐसे निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट में भी क्लर्क बने पद खाली न होने से कई विभागों ने कलेक्ट्रेट में 18 आवेदन अनुकंपा नियुक्ति के भेजे थे। इनमें से 4 को राजस्व विभाग की सहमति के बाद नियुक्ति मिल चुकी है। बाकी रहे 14 में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। पेंडेंसी का कारण आवेदकों को मनपसंद पद न मिलने पर इनकार करना भी रहता है।
अब काम को मिलेगी रफ्तार… स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में 851 अनुकंपा नियुक्ति दी हैं। इनमें 651 को क्लर्क हैं और लगभग 200 भृत्य। बात यदि जिलेवार औसत की करें तो अंचल के हर जिले में 6-8 कर्मचारी मिलेंगे। इससे कामकाज और आसान होगा। आयुक्त के निर्देश पर बाकी लंबित प्रकरण निपटाने भी शिविर लग रहे हैं।
बाकी विभागों में भी होमवर्क… प्रदेश सरकार के जिले में 40 विभाग हैं, यहां भी अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की जानकारी मांगी गई है। प्रदेश भर में लंबित प्रकरणों की संख्या का अनुमान 23 हजार है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के बाद सभी विभागों में सूची बनाने तथा नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए कहा गया है।
