चकराता में दो घंटे की ओलावृष्टि, किसानों और बागवानों की मेहनत बर्बाद
चकराता के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को करीब दो घंटे तक ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों और बागवानों की मेहनत बर्बाद हो गई। सड़क पर सफेद चादर बिछ गई। वहीं, साहिया, कालसी, सहसपुर त्यूणी, सेलाकुई और विकासनगर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। कई जगहों पर पेड़ों में लगे फल झड़ गए। हालांकि, चकराता को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश नकदी फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे चकराता में अचानक मौसम खराब हो गया। कंडमाण क्षेत्र के उंदावा, बुल्हाड़, लोखंडी, लोहारी, बुरायला, बागनी, बेगी, जगथान, मुंडोई, कचाणू, सुई, हिंवाई, रेटाड़, खोलरा, बिशलाड़ खत के थणता, जोगियो में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों में जौ और गेहूं की तैयार फसल बर्बाद हो गई। स्थानीय किसान और बागवान विजय पाल सिंह रावत, आशीष शर्मा, सूर्यपाल चौहान, कलम सिंह चौहान, बृजेश जोशी, महाबल नेगी, खजान सिंह, हुकम सिंह, टीकम सिंह, मान सिंह, श्याम सिंह, गुमान सिंह आदि ने बताया कि बीते माह 12 मई को भी क्षेत्र में ओलावृष्टि से मटर, बींस, टमाटर, गोभी, हरी मिर्च, शिमला मिर्च की फसल बर्बाद हो गई थी। वहीं, सेब, आडू, खुमानी, पुलम, कीवी, नाशपती, चुल्लू आदि को भी नुकसान पहुंचा था। किसानों और बागवानों ने बताया कि बुधवार को तेज आंधी और ओलावृष्टि ने रही सही कसर पूरी कर दी। किसानों ने कहा कि अब उनके सामने बैंक से लिया गया ऋण चुकाने का संकट पैदा हो गया। किसानों और बागवानों ने फसलों के नुकसान के मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार मनोहर अंजुवाल ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के लिए क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देशित कर दिया गया। बताया कि नुकसान की रिपोर्ट आने के बाद एसडीएम को भेजी जाएगी। वहीं, साहिया में शाम को तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। किसानों का कहना है कि बारिश नकदी फसलों के लिए फायदेमंद होगी। वहीं, कालसी में शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। इससे पेड़ों में लगे फल गिर गए। त्यूणी में किसान और बागवान लंबे समय से आमसान में टकटकी लगाए बैठे थे। शाम को आसमान में बादल छाए गए। कुछ देर में बारिश होने लगी। किसानों और बागवानों को बारिश से बड़ी राहत मिली। विकासनगर, सहसपुर और सेलाकुई में शाम को तेज आंधी के साथ कुछ देर के लिए बारिश हुई। विकासनगर और सहसपुर में बागवानों आम और लीची के फल झड़ गए। देर शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। लगातार तेज आंधी चल रही हैं।
