Mon. May 11th, 2026

देश के सुप्रसिद्ध व्‍यवसायी रतन टाटा ने ली अंतिम सांस, रतन टाटा को भारत रत्‍न की मांग

नई दिल्ली,  टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का निधन हो गया है. 86 साल की उम्र में उद्योगपति ने दुनिया अलविदा कह दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई के एक अस्पताल उन्होंने आखिरी सांस ली है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. रतन टाटा ने अपने जीवन काल में कई ऐसे काम किए हैं जिसे शब्दों में बता पाना मुश्किल है. रतन टाटा न केवल एक सफल बिजनेसमैन थे, बल्कि वह अपने दान के लिए जाने जाते थे. चंद्रशेखरन ने पद्मविभूषण रतन टाटा योगदान को अतुल्य बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि टाटा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
भारत के उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा का निधन हो गया. 9 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:30 बजे 86 साल की उम्र में रतन टाटा का निधन हुआ. उनके निधन पर पूरे देश और दुनिया में शोक की लहर है. उनके निधन ने न केवल व्यापार जगत को, बल्कि समाज के हर वर्ग, यहां तक कि टेक वर्ल्ड को भी गहरा आघात पहुंचाया है.
रतन टाटा के निधन के बाद भारत रत्न की मांग तेज हो गई है। इस संदर्भ में, महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें केंद्र से अनुरोध किया गया है कि दिवंगत रतन टाटा को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए. यह कदम उनके योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए उठाया गया है. रतन टाटा ने भारतीय उद्योग में जो भूमिका निभाई, उसके लिए उन्हें इस सम्मान का हकदार माना जा रहा है.
रतन टाटा के निधन प दी जा रही श्रृद्धाजंली
रतन टाटा का नाम ही प्रतिष्ठा, इमानदारी, और सेवा का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और समाजसेवा के प्रति समर्पण से टाटा ग्रुप को महान ऊंचाइयों तक पहुंचाया. टेक वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी गूगल के सीईओ ने भी रतन टाटा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. ब्लड प्रेशर कम होने के बाद अस्पताल में हुए थे भर्ती
रतन टाटा की तबीयत को लेकर मीडिया में खबरें आई थी कि रतन टाटा का अचानक ब्लड प्रेशर कम हो गया था. बीपी कम होने की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पीएम मोदी ने जताया शोक
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर रतन टाटा के निधन पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा- श्री रतन टाटा जी वजनरी बिजनेस लीडर, दयालु और एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंसान थे. उन्होंने भारत के सबसे पुराने और प्रेस्टीजियस बिनजेस का नेतृ्त्व किया है. उनका योगदान बिजनेस बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया. अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कई लोगों का प्रिय बना लिया.
राजनाथ सिंह ने जताया दुख
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट शेयर कर दुख जताया है. उन्होंने पोस्ट में लिखा- श्री रतन टाटा के निधन से दुख हुआ. वह इंडियन बिजनेस इंडस्ट्री के नायक थे, उनका हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और बिजनेस में उल्लेखनीय योगदान दिया है. उनके परिवार और दोस्तों के लिए मेरी गहरी संवेदनाएं है. उनकी आत्मा को शांति मिले.
क्या बोले अंबानी-अडानी, आनंद महिंद्रा
भारत के दिग्गज बिजनेसमैन रतन नवल टाटा का बुधवार रात को 86 वर्ष की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वे दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक थे. उनके पास 30 से ज्यादा कंपनियां थीं जो छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में फैली थीं. उनके निधन के बाद देश दुनिया से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. इसी कड़ी में भारत के अन्य दिग्गज कारोबारियों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और आनंद महिंद्रा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
‘मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया’
असल में रिलायंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने रतन टाटा को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और परोपकारी बेटों में से एक बताया. अंबानी ने अपने शोक संदेश में कहा कि यह भारत और भारतीय उद्योग जगत के लिए बहुत दुखद दिन है. रतन टाटा का निधन न केवल टाटा समूह के लिए बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर रतन टाटा के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है क्योंकि मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है.
‘उनके जैसे दिग्गज अमर रहते हैं’
वहीं अरबपति गौतम अडानी ने कहा कि भारत ने एक दिग्गज, एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है जिन्होंने आधुनिक भारत के मार्ग को फिर से परिभाषित किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि रतन टाटा सिर्फ एक कारोबारी नेता नहीं थे, उन्होंने ईमानदारी, करुणा और व्यापक भलाई के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया. उनके जैसे दिग्गज अमर रहते हैं. ओम शांति.
‘भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान’
इसके अलावा ऑटो क्षेत्र के दिग्गज आनंद महिंद्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक छलांग लगाने के कगार पर है और टाटा के जीवन और कार्य का हमारे इस स्थिति में आने में बहुत बड़ा योगदान है. बता दें कि टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा का बुधवार देर रात मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले रतन टाटा 86 वर्ष के थे.
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने रतन टाटा के साथ अपनी आखिरी मुलाकात को याद करते हुए कहा, “रतन टाटा के साथ मेरी आखिरी मुलाकात गूगल में हुई थी. हमने Waymo की प्रोग्रेस के बारे में चर्चा की और उनकी दूरदृष्टि को सुनकर मुझे बहुत प्रेरणा मिली.” रतन टाटा का जीवन और उनके विचार हमेशा प्रेरणादायक रहेंगे. उन्होंने अपने व्यावसायिक और सामाजिक योगदान से एक असाधारण विरासत छोड़ी है. वे आधुनिक भारतीय व्यापार नेतृत्व को मार्गदर्शन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे.
सुंदर पिचाई ने आगे कहा, “रतन टाटा ने हमेशा भारत को बेहतर बनाने की गहरी परवाह की. उनके निधन से हम सबके बीच एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है. उनके प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. श्री रतन टाटा जी, आपकी आत्मा को शांति मिले.” रतन टाटा का यह योगदान न केवल व्यापार के क्षेत्र में बल्कि समाज सेवा में भी अतुलनीय था. उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया और उनके सिद्धांत और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे.
‘रतन टाटा अपने समय से आगे के व्यक्ति थे’
रतन टाटा के निधन को देश के लिए बड़ी क्षति बताते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ‘मैं उनसे पहली बार तब मिला था जब मैं सरकार में एक तरह से मध्यम स्तर का अधिकारी था। उस समय, हमने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सीईओ फोरम की शुरुआत की थी। वह स्वाभाविक रूप से पहली पसंद थे जो इसका नेतृत्व करने वाले थे। इसलिए उन वर्षों में हम एक साथ मिलकर काम किया, साथ में अमेरिका की यात्रा पर साथ रहे। वह वास्तव में एक उल्लेखनीय व्यक्ति थे। मुझे लगता है कि अगर आप आज की भावनाओं, स्नेह, सम्मान को देखें, तो मुझे उद्योग जगत में ऐसा कोई व्यक्ति याद नहीं आता जिसने बहुत व्यापक वर्ग के लोगों में इस तरह की भावना पैदा की हो। मेरा मतलब है, इसे वास्तव में राष्ट्रीय क्षति कहा जाएगा। वह अपने समय से आगे के व्यक्ति थे। उन्होंने टाटा समूह का पूरी दुनिया में विस्तार किया।’
एक युग का अंत
रतन टाटा के निधन ने एक युग का अंत कर दिया है, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत सदैव जीवित रहेंगे. उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने अनेक नए आयाम स्थापित किए. उनका विज़न और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत है. उनके निर्देशन में टाटा ग्रुप ने विज्ञान, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय काम किए.
रतन टाटा को मिले भारत रत्न… शिंदे सरकार ने पारित किया प्रस्ताव
रतन टाटा के निधन के बाद भारत रत्न की मांग तेज हो गई है। इस संदर्भ में, महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें केंद्र से अनुरोध किया गया है कि दिवंगत रतन टाटा को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। यह कदम उनके योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए उठाया गया है। रतन टाटा ने भारतीय उद्योग में जो भूमिका निभाई, उसके लिए उन्हें इस सम्मान का हकदार माना जा रहा है।
शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता राहुल कनाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने रतन टाटा के नाम को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ के लिए प्रस्तावित करने का आग्रह किया। राहुल कनाल ने पत्र में रतन टाटा के अपार योगदान और मानवता के प्रति उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रतन टाटा का जीवन दयालुता, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों से भरा हुआ था, जो उन्हें न केवल एक सफल उद्योगपति बनाते हैं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व निभाने वाले व्यक्ति के रूप में भी प्रस्तुत करते हैं।
कनाल ने बताया कि रतन टाटा का योगदान भारतीय उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण रहा है, और उन्होंने सामाजिक कल्याण तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने पत्र में लिखा, “मैं रतन टाटा जी के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं। वे भारतीय उद्योग जगत के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे, जिनका योगदान हमारे समाज के ताने-बाने में समा गया है।” बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने इस मौके पर गुरुवार को राजकीय शोक की घोषणा की है, ताकि इस महान औद्योगिकपति को श्रद्धांजलि दी जा सके।

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