Fri. Jan 16th, 2026

जर्जर कॉम्प्लेक्स में चल रही एमके पाठशाला पर कार्रवाई की मांग पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन

बुरहानपुर   शहर में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही निजी स्कूलों के खिलाफ पत्रकारों ने कड़ा रुख अख्तियार किया है बुधवार को शहर के समस्त पत्रकारों ने एक स्वर में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ऐसी अव्यवस्थित और लापरवाह स्कूलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की पत्रकारों ने ज्ञापन में विशेष रूप से एमके पाठशाला का उल्लेख करते हुए बताया कि यह स्कूल शहर के एक जर्जर और असुरक्षित कॉम्प्लेक्स में संचालित हो रहा है जहां बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में हैं ज्ञापन में पत्रकारों ने बताया कि एमके पाठशाला का संचालन कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर किया जा रहा है, जहां भवन की हालत जर्जर है और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्कूल में कक्षा पहली से लेकर पाँचवी तक के बच्चों की पढ़ाई हो रही है, लेकिन न तो पर्याप्त जगह है, न ही कोई खेल मैदान। दुकानों जैसे छोटे-छोटे कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे न केवल बच्चों के मानसिक विकास पर असर पड़ रहा है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी खतरे में है नियमों की उड़ रही धज्जियां, शिक्षा विभाग मौन शिक्षा विभाग की अनदेखी पर भी पत्रकारों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि किसी भी स्कूल को मान्यता देने से पहले भवन की सुरक्षा, खेल मैदान, पर्याप्त कक्षाएं और अन्य आधारभूत सुविधाओं की जांच की जानी चाहिए, तो ऐसे में इस तरह की अव्यवस्थित स्कूलों को आखिर मान्यता कैसे मिल गई? पत्रकारों का आरोप है कि शिक्षा विभाग जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

बच्चों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि एमके पाठशाला में न तो खेलकूद की सुविधा है और न ही कोई खुला मैदान, जहां बच्चे शारीरिक गतिविधियों में भाग ले सकें। बच्चों को दिनभर छोटे कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जो उनकी सेहत और संपूर्ण विकास के लिए बेहद नुकसानदायक है। पत्रकारों का कहना है कि इस तरह की पढ़ाई न केवल शिक्षा के स्तर को गिरा रही है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को भी संकट में डाल रही है

पत्रकारों ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग

ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी स्कूलों की जांच की जाए जो बिना मान्यता, बिना आधारभूत ढांचे और असुरक्षित भवनों में चल रहे हैं। विशेष रूप से एमके पाठशाला जैसे स्कूलों पर त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने को मजबूर होंगे

शहर के पत्रकारों की यह पहल जनहित में उठाया गया एक जरूरी कदम माना जा रहा है। जब प्रशासन और शिक्षा विभाग लापरवाह बने हुए हों, तब मीडिया का इस तरह सक्रिय होना यह दर्शाता है कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी अब भी जीवित है। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस ज्ञापन को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई करेगा और बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और नियमसम्मत शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।

इस दौरान पत्रकार गणेश दूंगे पत्रकार तफज्जुल हुसैन मुलायम वाला पत्रकार मोहसिन तडवी पत्रकार डॉ आनंद दिक्षित सैयद हिफाजत अली पत्रकार नौशाद नूर पत्रकार रिजवान पत्रकार अमीरुद्दीन पत्रकार मोहम्मद वसीम पत्रकार रफीक अंसारी पत्रकार सोहेल अहमद पत्रकार शेख वसीम पत्रकार शकील खान पत्रकार विनोद लौंढे पत्रकार राहुल इंगले पत्रकार फेसल समरोज पत्रकार इमरान पत्रकार सोहेल खान पत्रकार प्रीतम महाजन सहित जिले के पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद थे

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