विधानसभा शुरू होने से पहले कांग्रेस का हंगामा, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस खूब खरी -खोटी सुनाई
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही मंगलवार को दूसरे दिन शुरू हुई। विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने बीन बजा कर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार सो रही है इसलिए जगाने के लिए बीन बजाई। कांग्रेस के इस बयान पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष नाटक नौटंकी न करें, सदन की गंभीरता और गरिमा का ध्यान रखे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है और हर बार इनसे बचने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि वन भूमि से आदिवासियों को जबरन बेदखल किया जा रहा है। किसान, युवा और महिलाएं तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार केवल अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है। “बजट में युवाओं की नौकरी, किसानों को खाद, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए, लेकिन बजट में केवल मलाईदार विभागों को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क व्यवस्था को लेकर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, शिवराज सिंह चले गए, लेकिन सड़कें आज भी वैसी ही बदहाल हैं।प्रश्नकाल के दौरान सदन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के विराध प्रदर्शन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये आज नागपंचमी पर भैंस लेकर आए, कल गिरगिट लेकर आए थे। आप लोग चुने हुए प्रतिनिधि हैं, आपको मर्यादा बनाकर रखनी चाहिए। सदन में मंगलवार को प्रश्नकाल में सिर्फ महिला विधायकों के प्रश्न लिए गए। विधायक अनुभा मुजारे ने कैलेंडर वितरण का प्रश्न पूछा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के कैंडलर का वितरण नहीं हुआ। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने जवाब में माना कि कुछ जगह कैलेंडर का वितरण नहीं हुआ। इस मामले में कुछ लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। अनुभा मुंजारे ने आकंड़े पेश करते हुए बताया कि एक लाख 64 हजार कैलेंडर का वितरण नहीं हुआ, जिन अधिकारियों की गलती उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
