BJP की राह पर कांग्रेस 2028 की जंग के लिए क्षेत्रीय क्षत्रप उतारे,जीतू बोले- मैं अर्जुन,युधिष्ठिर कोई और होगा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ ही 2028 के विधानसभा की चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय क्षत्रपों के सहारे चुनाव जीतने की रणनीति बना रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान कि मैं महाभारत का अर्जुन हूं, युधिष्ठिर कोई ओर होगा, ने और बल दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए 71 शहरी और ग्रामीण जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इसमें कांग्रेस ने दिग्गजों को जिलों की कमान सौंप कर चौंकाया है। पार्टी ने 6 मौजूदा विधायक और 11 पूर्व विधायकों को जिलों का प्रभार दिया है। इसमें तीन पूर्व मंत्री रहे हैं। इन दिग्गजों को जिला अध्यक्ष बनने के लिए राहुल गांधी ने खुद फोन पर बात करके मनाया। कांग्रेस के क्षेत्रीय दिग्गजों को जिलों की कमान सौंपे जाने को भाजपा की 2023 विधानसभा चुनाव के पहले की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने अपने क्षेत्रीय क्षत्रपों को सांसद पद से इस्तीफा दिलाकर विधानसभा चुनाव लड़ाया और उनके क्षेत्रीय प्रभाव का लाभ उठाया। अब माना जा रहा है कि कांग्रेस भी इसी राह पर है। क्षेत्रीय नेताओं को कमान सौंपकर पार्टी स्थानीय संस्कृति, बोलचाल और मतदाताओं से अच्छे व्यवहार के साथ ही कार्यकर्ताओं को एकजुट कर संगठन को मजबूत करने की योजना बना रही है। प्रदेश में कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी गुटबाजी है। प्रदेश से लेकर जिलों तक में भी अलग-अलग गुट बने हुए हैं। इसका पार्टी को नुकसान और विपक्ष को फायदा होता है। अब कांग्रेस अपने बड़े नेताओं को जिलों की जिम्मेदारी देकर उन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं की गुटबाजी को खत्म करना चाहती है। साथ ही उनको एकजुट कर आगामी चुनाव में सत्तारूढ भाजपा को टक्कर देने की योजना बना रही है। इन नेताओं को उनके क्षेत्र के साथ ही आसपास की विधानसभा सीटों की भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, यह आने वाला समय ही बताएगा कि पार्टी को इस प्रयोग से कितना फायदा होगा।
कौन होगा कांग्रेस का ‘युधिष्ठिर’
भोपाल में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य किसी पद पर जाना नहीं है, 2028 जीतना है। उन्होंने कहा मैं महाभारत का अर्जुन हूं, युधिष्ठिर कोई और होगा। इस बयान को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रदेश की राजनीति में सक्रिय चेहरे सामने सामने आ सकते है या फिर कोई चौंकाने वाला चेहरा हो सकता हैं। कांग्रेस में पीढ़ी परिवर्तन का दौर चल रहा है,ऐसे में पहली पंक्ति के नेताओं की सीएम पद के लिए दावेदारी उतनी मजबूत नहीं दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में दूसरी पंक्ति के नेताओं में सक्रिय नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह यह फिलहाल दो बड़े चेहरे दिखाई देते है। हालांकि नतीजे पक्ष में आते है तो कई फैक्टर जातिगत, क्षेत्रीय और नेताओं की दमदारी पर भी बहुत सारी चीजें निर्भर करती हैं। पटवारी ने अपनी बातचीत में जयवर्धन सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुझसे चार ज्यादा गुण जयवर्धन सिंह में हैं। जेवी में लोगों से मिलने और सुनने की क्षमता ज्यादा है। इनकी उपयोगिता सर्वे के अनुसार भोपाल में ही थी। अब इनको दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी। राहुल गांधी के साथ मेरी भी बात माननी पड़ेगी। हालांकि जीतू पटवारी भी चुनाव के चेहरे हो सकते है। क्योककि केंद्रीय नेतृत्व के करीबी भी हैं और चुनाव हारने के बावजूद उनको प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी गई हैं। साथ ही उनका सकारात्मक पक्ष यह है कि वह किसी गुट से नहीं हैं।
सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस ने उतारा जयवर्धन को
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे और राघौगढ़ से विधायक जयवर्धन सिंह को गुना जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद जो ग्वालियर-चंबल इलाके में जो खाई पैदा हुई थी, उसे भरने की जिम्मेदारी पार्टी ने जयवर्धन सिंह को ही सौंपी थी। इस अंचल में जयवर्धन सिंह लगातार सक्रिय भी है और अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। विजयपुर उपचुनाव में अपनी छाप जीतू पटवारी के साथ मिलकर छोड़ चुके हैं। उज्जैन के तराना से विधायक महेश परमार को ग्रामीण जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, डिडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम को डिंडौरी जिलाध्यक्ष बनाया गया है। ओमकार सिंह मरकाम राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। रायसेन के सिलवानी से विधायक देवेंद्र पटेल को रायसेन का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बालाघाट के बैहर से विधायक संजय उइके को बालाघाट जिलाध्यक्ष, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाह को सतना ग्रामीण जिलाध्यक्ष बनाया गया है।वहीं, पूर्व विधायक में बैतूल में निलय डागा को बैतूल, रविंद्र महाजन को बुरहानपुर शहर, संजय यादव को जबलपुर ग्रामीण, डॉ.अशोक मर्सकोले को मंडला, सुनीता पटेल को नरसिंहपुर, राजगढ़ में दिग्विजय सिंह के भतीजे प्रियव्रत सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। रविन्द्र महाजन को बुरहानपुर शहर, संजय यादव को जबलपुर ग्रामीण, हर्ष विजय गहलोत को रतलाम ग्रामीण, जतन उइके को पांढूर्ना का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। इन सभी को 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी की दृष्टि से मैदान में उतारा गया है।
