बेटी लौटाएगी पिता का गौरव; क्रान्ति को मिलेगी नौकरी तो पिता का निलंबन होगा खत्म
भोपाल मध्य प्रदेश भारत की महिला क्रिकेट टीम विश्व कप जीत चुकी है। पूरे देश में आज हर जगह इन्हीं बेटियों की चर्चा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का मान बढ़ाने वाली इन बेटियों से मुलाकात की और इनके साथ हुए घटनाक्रम व इनके अनुभव की जानकारी ली। बात मध्यप्रदेश की करें तो छतरपुर की बेटी क्रांति गौड़ ने भी विश्व विजयी भारतीय टीम में अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से अपना लोहा मनवाया और मध्य प्रदेश का नाम भी इतिहास के स्वर्णिम पन्नों पर लिख दिया। लेकिन इसी क्रांति गौड़ के परिवार का इतिहास बिगाड़ने का काम भी हमारे सिस्टम ने किया था जिसे अब सुधारा जा रहा है और क्रांति अपने परिवार के लिए वह कुछ करने जा रही है जिससे क्रांति जैसी बेटी होने पर आज उसके परिवार को ही नहीं लेकिन प्रदेश के अन्य तमाम परिवारों को गर्व होगा।
विश्व विजयी टीम की सदस्य मध्यप्रदेश छतरपुर की निवासी क्रांति गौड़ को राज्य सरकार नौकरी देगी। हालांकि क्रांति गौड़ को नौकरी देने के लिए उनकी शैक्षणिक योग्यता एक बाधा बन सकती है क्योंकि वह मात्र आठवीं कक्षा पास है लेकिन जानकार बताते हैं कि यदि सरकार चाहे तो उन्हें कम से कम सेकंड क्लास अधिकारी तो बना ही सकती है कैबिनेट को अहर्ता को शिथिलकर नौकरी देने का विशेष अधिकार है। यदि कैबिनेट चाहे तो अपनी इस शक्ति को उपयोग कर क्रांति गौड़ को मध्यप्रदेश शासन में एक अच्छी नौकरी प्रदान कर सकती है।हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ है लेकिन अब तक विश्व कप भारत की महिला टीम जीती हो ऐसा भी तो नहीं हुआ था। तो जिस बेटी ने भारत के लिए विश्व कप में जीत संभव करा दी हो क्या उसके लिए एक सरकारी नौकरी वो भी अच्छे दर्जे की हम संभव नहीं करा सकते। सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार ने ऐसा कुछ करने का मन बना लिया है।
