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कर्मचारियों के डीए में वृद्धि, 4 महीने के एरियर का भी भुगतान, दिसंबर में खाते में बढ़कर आएगी सैलरी, आदेश जारी

हरियाणा के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार ने पांचवे वेतन आयोग का लाभ पा रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 फीसदी की वृद्धि की है, जिसके बाद डीए की दर 466 फीसदी से बढ़कर 474 फीसदी हो गई है। नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी, ऐसे में जुलाई से अक्टूबर 2025 तक का एरियर भी मिलेगा। बढ़े हुए डीए का लाभ नवंबर की सैलरी के साथ दिसंबर में दिया जाएगा। वही जुलाई से अक्टूबर 2025 तक की बकाया राशि दिसंबर 2025 में दी जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आदेश भी जारी कर दिया है।

पिछले हफ्ते छठे वेतन आयोग का लाभ पा रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 फीसदी की वृद्धि की थी, जिसके बाद डीए 252 फीसदी से बढ़कर 257 फीसदी हो गया है। नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगी, ऐसे में जुलाई अगस्त सितंबर और अक्टूबर 2025 तक का एरियर भी मिलेगा। बढ़े हुए डीए का लाभ नवंबर की सैलरी के साथ दिसंबर में दिया जाएगा। एरियर का भुगतान दिसंबर की सैलरी के साथ किया जाएगा।महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के कारण 50 पैसे और उससे अधिक के अंशों का भुगतान अगले उच्चतर रुपये में किया जा सकता है और 50 पैसे से कम के अंशों को अनदेखा किया जा सकता है।

अक्टूबर में बढ़ा था 7वें वेतन आयोग वाले कर्मचारियों का डीए

गौरतलब है कि दिवाली से पहले राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार ने 7वें वेतन आयोग का लाभ पाने वाले 6 लाख से ज्यादा कर्मचारी पेंशनर्स के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 फीसदी की वृद्धि की थी, जिसके बाद डीए 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो गया । नई दरें 1 जुलाई 2025 से प्रभावी है। बढ़े हुए डीए का भुगतान अक्टूबर के वेतन के साथ नवंबर महीने में दिया गया। इससे पहले अप्रैल 2025 में 2 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाया गया था।

क्या होता है मंहगाई भत्ता

  • महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
  • केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।

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