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कर्मचारियों के DA में वृद्धि के आदेश जारी, 1 जनवरी 2026 से लाभ, फरवरी में खाते में बढ़कर आएगी सैलरी

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के बाद वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA HIKE) में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए हैं। 14 जनवरी 2026 को वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत आने वाले राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत वृद्धि की गई है, जिसके बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।

इसके साथ ही छठवें वेतनमान (6th Pay Commission) का लाभ ले रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसके बाद महंगाई भत्ते की दर 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो गई है। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार की जाएगी। यह बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। इसका भुगतान कर्मचारियों को जनवरी 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा जो फरवरी 2026 में मिलेगा।

मूल वेतन के आधार पर लागू होगी महंगाई भत्ते की गणना

  • वित्त विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ते की गणना केवल मूल वेतन के आधार पर की जाएगी और इसमें किसी भी प्रकार का विशेष वेतन या व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। भुगतान की राशि में यदि 50 पैसे या उससे अधिक का अंश होगा तो उसे अगले पूर्णांक में पूर्ण किया जाएगा। 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा।
  • यह आदेश केवल नियमित सरकारी कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि यूजीसी, एआईसीटीई, कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा।हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते के भुगतान का भार संबंधित विभागों के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधानों के अंदर किया जाएगा।

पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का किया था ऐलान

गौरतलब है कि 11 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन में महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत करने की घोषणा की थी, जिसके बाद वित्त विभाग ने आदेश जारी किए हैं। इस दौरान कर्मचारियों की तरफ से पांच सूत्रीय मांगें भी रखी गई थीं। जिस पर मुख्यमंत्री साय ने आश्वासन दिया था कि इन मांगों को लेकर एक कमेटी बनाई जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर फिर उन्हें पूरा किया जाएगा।

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