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फाल्गुन अमावस्या पर बन रहा 51 मिनट का दुर्लभ मुहूर्त, शिववास योग में मिलेगा महादेव का आशीर्वाद

हिंदू धर्म में तिथियों का काफी महत्व माना गया है। पूर्णिमा और अमावस्या कुछ प्रमुख तिथियां में से एक है। वैदिक पंचांग के मुताबिक 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पड़ रही है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित किया गया है। इस दिन स्नान दान का काफी महत्व माना गया है।

अमावस्या के मौके पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पवित्र सरोवर नदी में स्नान करते हैं। इस दिन आस्था की डुबकी लगाकर की गई महादेव की पूजा शुभ परिणाम देने का काम करती है। इस दिन किया गया जप तप पापों का नाश कर शुभ परिणाम देता है। इस बार कुछ दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएंगे।

फाल्गुन अमावस्या पर दुर्लभ योग

इस बार फाल्गुन अमावस्या पर बहुत ही दुर्लभ परिघ योग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा शिववास योग भी निर्मित हो रहा है। इस योग में की गई भगवान शिव की पूजा से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। यह उपाय पितरों की कृपा प्राप्ति में भी सहायक है। चलिए आपको शुभ मुहूर्त और योग के बारे में विस्तार से बताते हैं।

फाल्गुन अमावस्या का मुहूर्त

16 फरवरी की शाम 5:34 से फाल्गुनी अमावस्या की शुरुआत हो जाएगी। इसकी समाप्ति 17 फरवरी शाम 5:30 पर होने वाली है। उदया तिथि के मुताबिक अमावस्या 17 तारीख को मनाई जाएगी।

बन रहा है शुभ योग

अमावस्या पर शिव वास योग का सहयोग शाम 5:30 तक रहने वाला है। वहीं परिघ योग का सहयोग भी निर्मित हो रहा है। जो सदा के समय में गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा करेगा उसे अक्षय फल की प्राप्ति होगी। उसके पूरे परिवार पर भोलेनाथ की कृपा बरसेगी।

बन रहा दुर्लभ संयोग

फाल्गुनी अमावस्या के दिन सुबह 51 मिनट का दुर्लभ सहयोग बना रहा है। यह ब्रह्म मुहूर्त का समय है, जिसमें स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाएंगे। स्नान के बाद भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन में जो भी कष्ट हैं, उनसे छुटकारा मिलेगा।

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