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सिंगरौली में जी-राम जी योजना में भ्रष्टाचार के आरोप: उमंग सिंघार बोले “AI-जनरेटेड फर्जी तस्वीरों से हो रही सरकारी धन की लूट”, मुख्यमंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग

सिंगरौली जिले में मनरेगा (अब जी-रामजी) योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि यहां 120 से अधिक फर्जी AI-जनरेटेड तस्वीरों का इस्तेमाल कर सरकारी धन की लूट की जा रही है। उन्होंने से इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘भाजपा सिर्फ नाम बदलने की राजनीति कर रही है लेकिन नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। धरातल पर सच साफ दिख रहा है..योजनाएं नहीं, जनकोश की लूट हो रही है।’ उन्होंने सरकार से मांग की है कि मनरेगा को लूट का नहीं, मजदूरों के सम्मान का माध्यम बनाया जाए।

उमंग सिंघार ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि सिंगरौली में “जी-रामजी” (पूर्व में मनरेगा) के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा लगाया कि AI से बनी फर्जी मजदूरों की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर भुगतान निकाला जा रहा है, जबकि मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिल रही। इसी के साथ उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि कुछ मामलों में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग भी की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे भाजपा सरकार के तथाकथित सुशासन की विफलता करार दिया और कहा कि गरीब मजदूरों के हक की लूट करने वालों को संरक्षण मिल रहा है।

सीएम से की जांच और कार्रवाई की मांग 

उमंग सिंघार ने उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि विषय का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा को लूट का माध्यम नहीं, बल्कि मजदूरों के सम्मान और रोजगार का साधन बनाया जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सिर्फ नाम बदलने की राजनीति कर रही है, लेकिन जमीन पर योजनाओं का उपयोग भ्रष्टाचार के लिए हो रहा है और मजदूरों को उनका हक़ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

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