कोर्स अधूरा पेपर पूरा_छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा शिक्षा विभाग
क्या शिक्षा विभाग बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है या फिर सरकार ही बच्चों के भविष्य को प्रति लापरवाह है यह सवाल तब उठता है जब साल भर कभी चुनाव कभी जनगणना और कभी एसआईआर की ड्यूटी में लगे शासकीय शिक्षक सब कुछ करते हैं लेकिन केवल बच्चों को नहीं पढ़ा पाते क्योंकि सरकारी आदेश है पालन करना है। कई सरकारी स्कूलों में चुनावी ड्यूटी और एसआईआर के चलते दसवीं और बारहवीं कक्षाओं का कोर्स पूरा नहीं हो पाया और मध्यप्रदेश शासन ने इस बार बोर्ड परीक्षा भी समय से पहले ही आयोजित कर दीं। बोर्ड परीक्षाओं पर बच्चों का भविष्य निर्भर होता है लेकिन मध्य प्रदेश शासन को ना इसकी परवाह है और ना ही जरूरत क्योंकि बच्चे पढ़ेंगे तो रोजगार मांगेंगे और सरकार ने रोजगार के नाम पर दस हजार मुद्रा लोन की व्यवस्था कर दी है जिससे बच्चे बिना पढ़े ही कम से कम चाय पकौड़े का ठेला तो लगा ही लेंगे। वैसे भी चाय पकौड़े की टपरी खोलने के लिए खास योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। आज से बोर्ड परीक्षा शुरू हो चुकी है और सख्ती इस कदर कि छात्र छात्राओं की गहन तलाशी ली जा रही है कि कोई नकल पर्ची तो नहीं है। पुलिस के इंतजामात भी हैं और प्रशासनिक अधिकारी उड़नदस्तों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण भी करेंगे लेकिन बच्चों को यह कोई नहीं पूछेगा कि आपका कोर्स पूरा हुए बगैर हमने परीक्षा संचालित करवा दीं तो आप पेपर में क्या लिखेंगे आपका भविष्य क्या होगा और कैसे अपने मांँ बाप के सपने पूरे करेंगे
