महाकाल में आज दोपहर में होगी भस्म आरती, साल में सिर्फ एक बार नजर आता है ये अद्भुत नजारा
महाकालेश्वर मंदिर में शिवरात्रि का त्योहार बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। शिवरात्रि से कुछ दिनों पहले से ही यहां अलग-अलग कार्यक्रम शुरू हो जाता है। बाबा की हल्दी से लेकर मेहंदी सब कुछ आयोजित की जाती है। महाशिवरात्रि की रात महाकालेश्वर मंदिर में 4 अप्रैल के पूजन अभिषेक के बाद आज सेहरा अर्पित किया गया।
मंदिर में होने वालीभस्म आरती दुनिया भर में विख्यात है। इसमें शामिल होने के लिए भक्त दूर-दूर से उज्जैन पहुंचते हैं। वैसे तो ये आरती हर रोज सुबह 4 बजे आयोजित की जाती है लेकिन महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन इसे दिन में संपन्न किया जाता है।
संपन्न हुई 4 प्रहर की पूजा
रविवार की रात महाकालेश्वर मंदिर में 10:30 बजे से 4 प्रहर की पूजन का क्रम शुरू हुआ। इसमें एकादश एकादशनी रूद्र पाठ से लेकर अलग-अलग मंत्रों के माध्यम से महादेव का अभिषेक किया गया। इसके बाद पांच फलों के रस से अभिषेक कर, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गुलाब जल, भांग, गंगाजल और केसर मिश्रित दूध से पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र धारण करवाकर सप्तधान का मुखारविंद धारण करवाया गया। सप्तधान में देवाधिदेव को चावल, तिल, गेहूं, खड़ा मूंग, जौ और खड़ा उड़द अर्पित किया जाता है। इसके बाद पुष्प मुकुट आरती की जाती है।
3 क्विंटल फूलों का महाकाल का सेहरा
बाबा महाकाल की चार प्रहर की पूजा संपन्न होने के बाद पुजारी श्रृंगार कर उन्हें पुष्प मुकुट यानी सेहरा अर्पित करते हैं। इस बार 3 क्विंटल फूलों से भगवान का सेहरा सजाया गया है। सेहरा आरती के बाद मिष्ठान, फल और पंचमेवा का भोग लगाया गया।
आज दोपहर में होगी भस्मारती
आज सेहरा दर्शन के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में होने वाली भस्म आरती संपन्न होगी। इसके बाद भोग आरती के पश्चात शिवनवरात्रि व्रत का पारण होगा। शाम के समय संध्या आरती, शयन आरती के बाद पट मंगल किए जाएंगे। 18 फरवरी को साल भर में एक बार होने वाले पंचमुखारविंद के दर्शन के पश्चात महाशिवरात्रि का समापन होगा।
11 बजे उतरेगा सेहरा
आज सुबह 11 बजे बाबा महाकाल का सेहरा उतारा जाएगा। मुखारविंद, आभूषण और वस्त्र निकालने के बाद दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक भस्म आरती होगी। इसके बाद 2.30 से 3 बजे का समय भोग आरती का है।
