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कर्मचारियों-पेंशनरों का बढ़ेगा महंगाई भत्ता जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी व पेंशन

​केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार (जनवरी और जुलाई से)केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा छमाही अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। यह आंकड़े हर साल जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते हैं।

वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ते (जो जुलाई 2025 से प्रभावी है) का लाभ मिल रहा है। श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़ों के आधार पर जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता बढ़ने की उम्मीद है। चुंकी दिसंबर 2025  (जुलाई से दिसंबर 2025 ) तक सूचकांक 148.2 अंक पर रहा है। इस आधार पर 12 महीने के औसत का उपयोग करते हुए 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत गणना करने पर डीए का स्कोर 60.35% होता है। चुंकी डीए की गणना दशमलव के बाद के अंकों से नहीं होती है, इसलिए जनवरी 2026 से DA की नई दर 60% होने की उम्मीद है।

नवरात्रि में हो सकता है नई दरों का ऐलान

कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र की मोदी सरकार नवरात्रि में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए/डीआर की नई दरों का ऐलान कर सकती है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने तैयारियां शुरू कर दी है, जिससे अगली कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है।नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगी, ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी व फरवरी का एरियर भी मिलेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च या अप्रैल की सैलरी के साथ इस बढ़े हुए भत्ते और दो महीने के एरियर का भुगतान किया जा सकता है। यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद पहली समीक्षा होगी। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से डीए/डीआर वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।

जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी?

  • यदि बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है और 58% DA पर 31,600 रुपए मिलते हैं तो 60% DA होने पर वेतन में हर माह 400 रुपए का इजाफा होगा और 32,000 रुपए मिल सकते हैं।
  • 40,000 बेसिक सैलरी वालों के वेतन में हर माह 800 रुपए का इजाफा होगा और 63,200 की जगह 64,000 रुपए मिलेंगे।
  • बेसिक सैलरी 50,000 है तो 79,000 की जगह 80,000 रुपए मिलने की उम्मीद है।
  • 60,000 बेसिक सैलरी वालों को 94,800 की जगह 96,000, 80,000 वालों को 1,26,400 की जगह 1,28,000 और 1,00,000 लाख सैलरी वालों को 1,58,000 की जगह 1,60,000 मिल सकते हैं।

कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?

  • महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।

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