युवती ने कोल्ड ड्रिंक समझकर गलती से पी लिया तेजाब, 8 महीने तक लड़ी जिंदगी और मौत की जंग, जानें कैसे बची जान
कानपुर यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां एक युवती की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब उसने गलती से कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक समझकर तेजाब पी लिया। एक छोटी सी लापरवाही ने उस युवती को मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया।
तेजाब पीने के बाद युवती की खाने की नली और गला बुरी तरह झुलस गया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि वह खाना तो दूर, पानी तक नहीं निगल पा रही थी। लगातार कमजोरी बढ़ने से उसका वजन घटकर महज 29 किलो रह गया था। करीब आठ महीने तक चले कठिन इलाज और कई मेडिकल प्रक्रियाओं के बाद अब युवती धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी की ओर लौट रही है।
डॉक्टर ने क्या बताया?
कानपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के गैस्ट्रो विभागाध्यक्ष डॉ विनय कुमार के अनुसार, युवती ने घर में रखी बोतल को कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया था। लेकिन उस बोतल में तेजाब भरा हुआ था। तेजाब शरीर के अंदर पहुंचते ही गले और खाने की नली को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा गया। शुरुआत में सामान्य उपचार दिया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी परेशानी बढ़ने लगी।
डॉक्टरों ने बताया कि धीरे-धीरे युवती की खाने की नली सिकुड़ने लगी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि उसे भोजन निगलने में असहनीय दर्द होने लगा। बाद में हालत यह हो गई कि वह पानी तक नहीं पी रही थी। लगातार भूख और कमजोरी की वजह से उसका वजन तेजी से गिरने लगा और वह बेहद कमजोर हो गई।
जानकारी के अनुसार जिस युवती के साथ ये घटना हुई वो उन्नाव की रहने वाली बताई जा रही है। घटना के बाद उसे कानपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने लंबे समय तक उसका इलाज किया। करीब आठ महीने तक एंडोस्कोपी के जरिए कई बार ‘डायलेटर’ प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे उसकी खाने की नली को धीरे-धीरे चौड़ा किया गया। लगातार निगरानी, दवाओं और उपचार के बाद आखिरकार उसकी हालत में सुधार आने लगा।
डॉक्टरों के मुताबिक अब युवती का वजन बढ़कर करीब 45 किलो हो चुका है और वह सामान्य तरीके से खाना-पीना शुरू कर चुकी है। डॉक्टरों ने इस घटना को लेकर लोगों को बड़ी चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि घरों में टॉयलेट क्लीनर, तेजाब या अन्य खतरनाक केमिकल कभी भी पानी या कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में नहीं रखने चाहिए। अक्सर लोग गलती से इन्हें पी लेते हैं, जिससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं। डॉक्टरों ने अपील की है कि ऐसे केमिकल हमेशा सुरक्षित स्थान पर और बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है।
