Sat. May 9th, 2026

DAVV में परीक्षा के दौरान बवाल! छात्र ने HOD के सामने शिक्षक को पीटा, अब विभाग ने मांगी पुलिस सुरक्षा

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। तक्षशिला परिसर स्थित स्कूल ऑफ ट्राइबल स्टडीज में एमए परीक्षा के दौरान एक छात्र ने विभागाध्यक्ष (HOD) के सामने ही शिक्षक पर हमला कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद स्टाफ और विभागाध्यक्ष को बीच-बचाव कर शिक्षक को बचाना पड़ा। इस घटना के बाद पूरे विभाग में डर और तनाव का माहौल बन गया है।

बताया जा रहा है कि मामला परीक्षा फॉर्म और सेमेस्टर फीस से जुड़ा हुआ था। छात्र को कई बार फीस और फॉर्म जमा करने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बावजूद उसे शुरुआती परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दे दी गई थी। गुरुवार को जब विभागाध्यक्ष ने छात्र को बुलाकर कारण पूछा, तभी मामला हिंसक हो गया और छात्र ने शिक्षक पर हमला कर दिया।

परीक्षा फॉर्म और फीस विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, एमए के छात्र पवन इवने समेत कुछ अन्य विद्यार्थियों ने परीक्षा फॉर्म और सेमेस्टर फीस जमा नहीं की थी। विभागाध्यक्ष ने इस संबंध में सभी छात्रों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग के शिक्षक सुखवीर सिंह जाटव ने संबंधित छात्रों को व्हाट्सएप के जरिए मैसेज भेजकर फीस और फॉर्म जमा करने के लिए कहा।

अन्य छात्रों ने तो समय रहते फॉर्म भर दिए, लेकिन आरोपी छात्र ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद जब परीक्षा दोबारा आयोजित हुई तो विभागाध्यक्ष ने छात्र को अपने कक्ष में बुलाकर बात करने की कोशिश की। इसी दौरान शिक्षक सुखवीर सिंह जाटव भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि छात्र अचानक गुस्से में आ गया और शिक्षक के साथ मारपीट शुरू कर दी।

यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद DAVV की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिस तरह परीक्षा के दौरान विभागाध्यक्ष के कमरे में शिक्षक के साथ मारपीट हुई, उसने यूनिवर्सिटी प्रशासन की तैयारियों पर चिंता बढ़ा दी है। छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि अगर विभाग के अंदर ही इस तरह की घटनाएं होने लगेंगी तो पढ़ाई का माहौल खराब होगा।

कई शिक्षकों का मानना है कि विश्वविद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना अब बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ रहे हैं और कई बार छात्र हिंसक भी हो जाते हैं। ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई जरूरी होती है ताकि बाकी छात्रों के बीच गलत संदेश न जाए।

प्राक्टोरियल बोर्ड करेगा कार्रवाई

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रकरण प्राक्टोरियल बोर्ड को भेज दिया है। अब बोर्ड इस मामले की जांच करेगा और छात्र के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि छात्र पहले भी किसी विवाद में शामिल रहा है या नहीं। वहीं पुलिस भी पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। अगर स्थिति गंभीर पाई गई तो आगे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *