आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 60 अंक टूटा, निफ्टी में भी गिरावट
कल की शानदार तेजी के बाद, आज मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को मामूली नरमी का सामना करना पड़ा है। दरअसल बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही आज के कारोबारी सत्र में हल्की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों की उम्मीदों पर थोड़ा विराम लगा। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कल के सत्र में बाजार ने एक ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया था, जिसने सभी को उत्साहित कर दिया था।
दरअसल आज के कारोबार की बात करें तो, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 60 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 76,400 के स्तर पर कारोबार करता रहा। यह गिरावट प्रतिशत के हिसाब से 0.08% रही, जो बाजार में बहुत बड़े बदलाव का संकेत नहीं देती। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क निफ्टी भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा, जिसमें 16 अंकों (0.07%) की कमी दर्ज की गई, जिसके चलते यह 24,015 के स्तर पर आ गया। यह दर्शाता है कि बाजार में एक संतुलन का माहौल रहा, जहाँ कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन बड़ी बिकवाली का दबाव नहीं था।
कुछ सेक्टर में तेजी
हालांकि, इस मामूली गिरावट के बावजूद, कुछ सेक्टरों में निवेशकों का भरोसा बना रहा और खरीदारी का रुझान साफ दिखाई दिया। आज के कारोबारी सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों ने बाजार की समग्र गिरावट के बीच भी अपनी चमक बरकरार रखी, जो बताता है कि निवेशक इन क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं को लेकर अभी भी सकारात्मक हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भी भारतीय बाजार को प्रभावित करता है, और आज एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8087 के स्तर पर पहुँचकर 249 अंकों की शानदार बढ़त (3.18%) के साथ बंद हुआ, जो वहाँ के निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत था। वहीं, जापान का निक्केई इंडेक्स 64898 पर 261 अंकों की गिरावट (-0.40%) के साथ बंद हुआ, जिससे वहाँ थोड़ी निराशा छाई रही। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 25725 पर 119 अंकों की बढ़त (0.52%) दर्ज करने में सफल रहा। एशियाई बाजारों की यह मिली-जुली तस्वीर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को दर्शाती है।
अमेरिकी बाजार का हाल जानें
कल की बात करें तो, अमेरिकी बाजार शानदार तेजी के साथ बंद हुए थे, जिसने वैश्विक निवेशकों को राहत दी थी। डाउ जोंस इंडेक्स 50580 के स्तर पर 294 अंकों (0.58%) की बढ़त के साथ बंद हुआ। नैस्डैक में भी 51 अंकों (0.19%) की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जो 26344 के स्तर पर रहा। वहीं, S&P 500 इंडेक्स 7473 पर 28 अंकों (0.37%) की तेजी के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की यह सकारात्मक चाल भारतीय बाजार के लिए एक अच्छा संकेत थी, लेकिन भारतीय बाजार आज उस तेजी को पूरी तरह से भुना नहीं पाया।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आंकड़ों के अनुसार, कल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने भारतीय बाजार में ₹822 करोड़ के शेयर खरीदे। यह एक सकारात्मक संकेत है कि विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, बीते 7 दिनों में FII/FPI ने ₹7,107 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी, जबकि बीते 30 दिनों में यह आंकड़ा ₹45,178 करोड़ की बिकवाली का रहा है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने कल ₹3,857 करोड़ के शेयर खरीदे, और बीते 7 दिनों में ₹14,321 करोड़, जबकि बीते 30 दिनों में ₹72,308 करोड़ के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया है। DII की यह निरंतर खरीदारी बाजार को स्थिरता प्रदान करती है।
बीते दिन के कारोबार पर नजर डालें
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आज की यह मामूली गिरावट, कल के बड़े उछाल के बाद आई है। कल सेंसेक्स ने 1074 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई थी और 76,489 के स्तर पर बंद हुआ था। यह एक ऐतिहासिक तेजी थी जिसने निवेशकों के बीच उत्साह भर दिया था। आज की गिरावट को उस बड़ी तेजी के बाद एक सामान्य मुनाफावसूली के तौर पर देखा जा सकता है, जहाँ निवेशकों ने अपने लाभ को बुक करने का मौका भुनाया।
