पूर्व सीएमएचओ मुश्किल में; करोड़ों के घोटाले की विभागीय जांच शुरू
ग्वालियर मध्यप्रदेश ग्वालियर के पूर्व सीएमएचओ डॉ सचिन श्रीवास्तव मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने सीएमएचओ पद से उनकी छुट्टी करते हुए उन्हें मूल पद पर भेज दिया है।लंबे समय से उन पर तमाम शिकायतें लंबित थीं और उन शिकायतों के चलते ही उन पर यह जांच गिरी। लेकिन अब उनकी मुसीबतें हैं, बढ़ती नजर आ रही है क्योंकि कई मामलों में उनकी विभागीय जांच शुरू हो गई है। विभागीय जांच के दौरान डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव को आरोप पत्र देकर उनसे जवाब भी मांगा गया है।यदि वे जवाब नहीं देते हैं, तो विभाग उनके विरुद्ध एक पक्षीय कार्रवाई कर सकता है।
पूरा मामला डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव से जुड़े तमाम विसंगतियों को लेकर है। इसमें सबसे बड़ा घोटाला अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत चयनित की गई संस्थाएं उनके भुगतान को लेकर है। सचिन श्रीवास्तव के आरोप पत्र में राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत अनुमोदित संस्थाओं के चयन, पर्यवेक्षण और भुगतान संबंधी कार्यों के दौरान डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव ने कथित तौर पर समानता, समाजसेवी संस्था से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध होने के बावजूद स्वयं को निर्णय प्रक्रिया से अलग नहीं रहा।इस तरह उन्होंने स्वयं से संबंधित संस्था को आर्थिक लाभ दिलाया। संस्था को कार्य आवंटन और वित्तीय लाभ होने दिए। इस संस्था को 2021 से 2024 तक तमाम आंखों संबंधित इलाज के लिए एक करोड़ आठ लाख रुपए का भुगतान किया गया। उनकी इस मिलीभगत से शासन को आर्थिक नुकसान हुआ।
