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NEET विवाद के बाद टेलीग्राम की भारत में वापसी, 30 जून तक बंद रहेगा मैसेज एडिट फीचर, पढ़ें यह खबर

नीट परीक्षा में फर्जी और लीक हुए पेपर शेयर होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने जिस टेलीग्राम एप पर रोक लगाई थी, वह सात दिनों बाद अब भारत में फिर से चालू हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) से जुड़े लीक और फर्जी पेपर्स, गलत जानकारी वाले कंटेंट और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों को रोकने में एप के पूरी तरह असफल रहने का आरोप लगाते हुए 22 जून तक के लिए एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को ब्लॉक कर दिया था।

दरअसल 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा पूरी होने के बाद एप पर लगी अस्थायी रोक खत्म हो गई। इसके बाद 23 जून की सुबह से एप गूगल प्ले स्टोर पर दोबारा दिखाई देने लगा, लेकिन कई यूजर्स ने एप डाउनलोड न हो पाने की शिकायत की। कुछ यूजर्स ने तो एप डाउनलोड करने के बाद साइन अप न कर पाने या अपनी चैट्स तक पहुंच न होने की समस्या भी बताई। यह दिक्कत जियो और एयरटेल दोनों नेटवर्क के यूजर्स को हुई, वहीं आईफोन यूजर्स के लिए टेलीग्राम एप स्टोर पर उपलब्ध नहीं था। हालांकि, मंगलवार देर रात कंपनी ने एक पोस्ट जारी कर सभी सेवाएं सामान्य रूप से शुरू होने की जानकारी दी।

30 जून तक मैसेज-एडिटिंग फीचर बंद

भले ही टेलीग्राम ने भारत में वापसी कर ली है, लेकिन सरकार ने कंपनी को 30 जून तक अपने प्लेटफॉर्म पर ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसका सीधा मतलब है कि यूजर्स भेजे गए मैसेज में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। सरकार का यह कदम नीट परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई गड़बड़ी को रोकने के मकसद से उठाया गया है।

जानिए क्यों लगाया गया था बैन

केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज पर 22 जून तक पूरी तरह रोक लगाने का आदेश इसलिए दिया था, क्योंकि उसका साफ आरोप था कि यह प्लेटफॉर्म नीट परीक्षा से जुड़े लीक और फर्जी पेपर्स, गलत जानकारी वाले कंटेंट और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा। यह रोक 21 जून को हुई नीट की दोबारा परीक्षा तक लागू रही, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को प्रभावी तरीके से रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस दोबारा परीक्षा के दौरान किसी भी गड़बड़ी की कोई खबर सामने नहीं आई है।

टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी

सरकार के इस रोक आदेश को टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले सप्ताह मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को पूरी तरह सही माना। अदालत ने कहा कि देश की इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार की पाबंदियां जरूरी हैं। कोर्ट ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि बैन लगाने में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

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