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तबादला विवाद पर घिरी MP सरकार, नारायण सिंह कुशवाह के आरोपों पर उमंग सिंघार ने किए सवाल, जांच की मांग

मध्यप्रदेश सरकार में तबादलों को लेकर सामने आए विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब भ्रष्टाचार के आरोप सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार के मंत्री ही अपनी सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह द्वारा अपने ही विभाग के सचिव पर “इंटरेस्ट” के आधार पर तबादले करने और कथित पैसों के लेन-देन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार के मंत्री खुद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत भेजने के लिए मजबूर हैं, तो यह प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मंत्री ने की शिकायत

मध्यप्रदेश सरकार में तबादलों को लेकर मंत्री और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बीच खुला विवाद सामने आया है। मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत भेजकर विभागीय सचिव जॉन किंग्सली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका का आरोप है कि सचिव ने सिर्फ अपने “इंटरेस्ट” के अनुसार तबादले किए और उनके द्वारा अनुशंसित सूची को पूरी तरह से रोक दिया।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस पूरे प्रकरण पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार के मंत्री ही अपने विभाग के सचिव पर तबादलों को लेकर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं तो इससे स्थिति समझी जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से भी सवाल पूछते हुए कहा कि यदि वे अपनी अनुशंसित सूची के तबादले न होने से नाराज हैं तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उन तबादलों से किसे लाभ मिलने वाला था। उन्होंने कहा कि इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या तबादलों को लेकर सत्ता और नौकरशाही के बीच केवल हिस्सेदारी का विवाद चल रहा है। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी या हमेशा की तरह आरोपों पर पर्दा डाल दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में ट्रांसफर विंडो बंद होने के लगभग एक महीने बाद सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत भेजकर विभागीय सचिव जॉन किंग्सली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सचिव ने सिर्फ अपनी पसंद के तबादलों को ही मंजूरी दी, जबकि मंत्री की अनुशंसित सूची पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ तबादलों को लेकर कथित रूप से पैसों की मांग से जुड़ी व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेज भी मौजूद हैं, जिनका उल्लेख शिकायत में किया गया है।

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