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बिहार: आपदा में ‘अवसर’ ढूंढने वालों पर चलेगा प्रशासन का डंडा, कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित

पटना: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पूरे बिहार में बड़ी तेजी से पांव पसार रही है. पिछले कुछ दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. इसी बीच मेडिकल ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों, जिनका उपयोग संक्रमण के इलाज में किया जाता है, की कालाबाजारी और अवैध भण्डारण का काम शुरू हो गया है. ऐसे में मौजूदा समय में जीवन रक्षक दवाइयों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए आर्थिक अपराध इकाई, बिहार ने दो टीम का गठन किया है, जो कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.

स्पेशल ड्राइव चलाने का दिया निर्देश

इस संबंध में आर्थिक अपराध इकाई, बिहार के एडीजी ने एबीपी न्यूज को बताया कि उन्होंने सभी एसपी, डीआईजी और रेंज ऑफिसर को निर्देश दिया है कि वे कालाबाजारी की शिकायतों के खिलाफ स्पेशल ड्राइव चलाएं. मामला सही पाए जाने ईओयू की मदद लेकर दोषी पर कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि ईओयू खुद भी कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जानकारी इकट्ठा कर रही है.

बता दें कि आर्थिक अपराध इकाई, बिहार के पटना डीआईजी भास्कर रंजन के नेतृत्व में 02 विशेष टीम का गठन एडीजी ईओयू के निर्देश पर किया गया है. ईओयू की टीम मेडिकल ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों की कालाबाजारी और अवैध भण्डारण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए कारगर कार्रवाई कर रही है. आम जनता के साथ-साथ एनजीओ के लोगों की ओर से भी पुलिस को सूचना देने में रूचि दिखाई जा रही है.

काम बेहतर तरीके से हो सके इस बाबत नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है, जिसमें 03 शिफ्ट में पदाधिकारियों/कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. पर्याप्त संख्या में पदाधिकारियों/कर्मियों को रिजर्व में भी रखा गया है.

 

 

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