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छोलिया नृत्य के साथ विरासत की रंगारंग शुरूआत

उत्तराखंड के लोकप्रिय छोलिया नृत्य के साथ विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल-2022 की रंगारंग शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेडियम कौलागढ़ रोड में फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया।

सीएम ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को भी ऐसे मंच में भाग लेने का मौका मिलता है, जिससे देश-विदेश से आए कलाकारों संग उत्तराखंड के कलाकार भी अपना नाम कमा सकें। कहा कि विरासत ने पूरे भारत में अपनी एक सांस्कृतिक पहचान बनाई है। कहा कि साहित्य, संगीत और कला लोगों को विनम्र बनाता है। उधर, सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के लोकप्रिय छोलिया नृत्य के साथ हुई, जिसमें उत्तराखंड के कलाकारों ने प्रस्तुतियां देकर लोगों का मन मोह लिया। यह लोक नृत्य पहले पारंपरिक युद्ध के रूप में होता था, जिसमें ढोल, दमाऊ, नगाड़े जैसे वाद्य यंत्रों का भी इस्तेमाल किया जाता है। अबकी पारंपरिक यंत्रों के साथ-साथ अपनी प्रस्तुति को और मनोरंजक बनाने के लिए कैसियो का इस्तेमाल भी किया गया।

 

छोलिया नृत्य में मुख्य कलाकार गीता सरारी के साथ सहायक कलाकार हरीश कुमार (ढोल रणसिंघा), प्रताप राम (बैग पाइपर), मोहन राम, गिरीश कुमार, दर्शन कुमार, राजू कुमार (छोलिया योद्धा), किशन (ताल), रोहित (तूकी), राजू ने कैसियो में पारंपरिक यंत्रों पर अपनी संगत दी। कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में लोकप्रिय कथक नृत्यक कृष्ण मोहन ने मनमोहक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम की आखिरी प्रस्तुति शहनाई वादन की रही, जिसमें लोकप्रिय शहनाई वादक अश्वनी व संजीव शंकर ने कथक की धमाकेदार प्रस्तुतियां दी। इस प्रस्तुति में शहनाई वादक अश्वनी और उनके सहायक कलाकार योगेश शंकर (शहनाई वादक), मिथिलेश झा (तबला वादक) पर संगत दी।
इस 5 दिवसीय महोत्सव में भारत के कई राज्यों से आई संस्थाओं ने स्टॉल भी लगाया, जहां पर लोग भारत की विविधताओं का आनंद ले सकते हैं। इस मौके पर ओएनजीसी के प्रबंध निदेशक आरके श्रीवास्तव, पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ. अलका मित्तल, निदेशक ऑपरेशन पंकज कुमार, रीच संस्था के जनरल सेक्रेटरी आरके सिंह आदि भी शामिल रहे।

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