Tue. Jun 2nd, 2026

राजस्व वसूली को मार्च में रविवार को भी खुलेंगे बिजली घर, लेकिन जनता को नहीं दी इसकी खबर

देहरादून:  सरकारी विभागों को राजस्व वसूली के लिए हर साल पसीना बहाना पड़ता है। जबकि, इसके लिए शिविर लगाने से लेकर अभियान तक चलाए जाते हैं, मगर प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश जतन दम तोड़ देते हैं। ऐसा ही कुछ ऊर्जा निगम में भी होता दिख रहा है।

निगम ने वित्तीय वर्ष के अंतिम माह यानी मार्च में अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए छुट्टी के दिन भी कार्य करने का निर्णय लिया है

इस माह सभी रविवार को बिजली घर खुले रहेंगे और बिल जमा किए जाएंगे। लेकिन, इस संबंध में उपभोक्ताओं को अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। इन हालात में ऊर्जा निगम की कसरत कितनी परवान चढ़ती है, यह तो समय ही बताएगा।

मार्च में बिजली बिल का अधिक से अधिक भुगतान वसूलने का लक्ष्य

आगामी एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। ऐसे में ऊर्जा निगम ने मार्च में बिजली बिल का अधिक से अधिक भुगतान वसूलने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए निगम के निदेशक परिचालन एमएल प्रसाद ने प्रदेशभर के बिजली घरों में सर्कुलर जारी कर रविवार को ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। केवल सात और आठ मार्च को होली का अवकाश होने के कारण बिजली घर में कार्य नहीं होगा। इसके अलावा पूरे माह बिजली के बिल जमा किए जाएंगे।

हालांकि, निगम ने उपभोक्ताओं को अब तक इसकी जानकारी नहीं दी है। सामाजिक कार्यकर्त्ता वीरू बिष्ट ने ऊर्जा निगम की इस कार्यशैली पर नाराजगी जताई है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल भी मार्च में निगम ने राजस्व वसूली के लिए रविवार को बिजली घर खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन उपभोक्ताओं को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

इस कारण रविवार को उपभोक्ता बिजली घरों में नहीं पहुंचे। तब उन्होंने निगम के अधिकारियों से फ्लैक्स व अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं को इस बाबत जानकारी देने की मांग भी की थी, लेकिन विभाग ने रुचि नहीं दिखाई।

शत-प्रतिशत राजस्व वसूली के लिए अवकाश के दिन भी बिलिंग होगी। पिछले वर्ष भी राजस्व वसूली में ऊर्जा निगम ने बेहतर प्रदर्शन किया था और वित्तीय वर्ष के अंत तक 95 प्रतिशत वसूली कर ली गई थी। हालांकि, इसे और बेहतर करने का प्रयास है। करीब पांच प्रतिशत राजस्व की वसूली न होने से निगम को करीब पांच सौ करोड़ रुपये की हानि होती है।

 

– अनिल कुमार, प्रबंध निदेशक, ऊर्जा निगम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed