Fri. Jul 17th, 2026

मोटे अनाज की खेती बदल सकती है किसानों की तकदीर

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग में बदायूं, उत्तर प्रदेश से पहुंचे 30 किसानों को मोटे अनाज की खेती का प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने कहा कि मडुआ, सोयाबीन, रामदाना, झिंगोरा सहित अन्य मोटे अनाज की मांग वर्तमान में काफी है। वैज्ञानिक तरीके से इनकी खेती का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है जो किसानों की तकदीर बदल सकता है। कहा कि मोटे अनाज में मौजूद भरपूर पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए लाभकारक हैं। किसानों को इनकी खेती की तरफ कदम बढ़ाना होगा। डॉ. एन के हेड़ाऊ, डॉ. बीएम पांडे, डॉ. डीसी जोशी, डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के वैज्ञानिक तरीके बताए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed